रायपुर। छत्तीसगढ़ जिला खनिज न्यास घोटाला ( DMF स्कैम) मामले में EOW ने बड़ी कार्रवाई की है। EOW ने पूर्व IAS अनिल टुटेजा को गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान मिले डिजिटल सबूत, दस्तावेज और गवाहों के बयानों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने DMF फंड से जुड़े काम अपने जानने वाले लोगों और उनके फर्मों को दिलाकर कमीशन लिया है।
अलग-अलग फर्मों से लिया कमीशन
सूत्रों के अनुसार, EOW की जांच में यह बात सामने आई है कि पूर्व आईएस ने अपने रिश्तेदारों और करीबी लोगों के जरिए भी अलग-अलग फर्मों से कमीशन लिया और काम दिलाया। आरोपी के खिलाफ सरकारी धन के दुरुपयोग, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में यह कार्रवाई की गई है।
26 फरवरी तक रिमांड में
अनिल टुटेजा को गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश किया गया है। कोर्ट ने पूर्व आईएएस को 26 फरवरी तक की पुलिस रिमांड में भेजा है। 26 फरवरी को उन्हें फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा।
अनवर ढेबर भी गिरफ्तार
शराब घोटाला मामले में EOW ने कारोबारी अनवर ढेबर को भी अरेस्ट किया है। जांच में पता चला कि 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम के नाम पर 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान हुआ। यह पैसा शराब दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों को मिलना था, लेकिन कर्मचारियों तक पूरी रकम नहीं पहुंची।
क्या है DMF घोटाला ?
- कोरबा जिलें में डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड (DMF) से जुड़े टेंडर आवंटन में अनियमितता सामने आई थी।
- जांच में टेंडर प्रक्रिया में कुछ ठेकेदारों को अवैध तरीके से लाभ पहुंचाने के साक्ष्य मिले थे।
- जांच में यह सामने आया कि ठेकेदारों ने बड़े पैमाने पर बैंक से नकद निकाले थे।
- इसके बाद ईडी ने ठेकेदारों, अधिकारियों और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी कर सबूत जुटाए थे।
