रायपुर।निर्वाचन आयोग ने छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी। इस सूची के अनुसार राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या अब 1 करोड़ 87 लाख 30 हजार 914 हो गई है। इस बारे में विभाग की तरफ से जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि यह पुनरीक्षण 1 जनवरी 2026 को पात्रता तिथि मानकर किया गया था और ड्राफ्ट सूची की तुलना में अंतिम सूची में कुल 2 लाख 34 हजार 994 नए मतदाता बढ़ गए हैं। आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार SIR से पहले की मतदाता सूची और अब तैयार हुई मतदाता सूची में कुल 24 लाख 99 हजार 823 मतदाताओं की कमी हुई है, यानी इतने नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं।
दुर्ग जिले के वैशाली नगर में सब से जायदा नाम कटे
वैशाली नगर…40074 मतों के बड़े अंतर से भाजपा जीती, उतने ही नाम कटं चुकेयहां 40,074 मतों के अंतर से परिणाम तय हुआ था। भाजपा के रिकेश सेन को 98272 और कांग्रेस के मुकेश चंद्राकर को 58198 मत मिले थे। 50045 नाम कट चुके हैं, जो जीत के अंतर से भी अधिक हैं।मायने मतदाता संरचना में बड़ा परिवर्तन हुआ है। अगली बार यह सीट नए राजनीतिक संतुलन और बदले सामाजिक समीकरणों का केंद्र बन सकती है।
भिलाई नगर…नजीते बदल भी सकते हैं, क्योंकि जीत का अंतर बहुत कम था2023 के चुनाव में भाजपा के प्रेमप्रकाश पांडेय को 1264 मतों से हार मिली थी। पांडेय को 53141 और कांग्रेस के देवेंद्र यादव को 54405 मत प्राप्त हुए थे। अब 47,530 मतदाता सूची से बाहर हो चुके हैं।मायने : भिलाई सीट नई परिस्थितियों में आ जाएगी। बूथ स्तर की रणनीति, नए मतदाताओं की सक्रियता और स्थानीय मुद्दे अगला परिणाम तय करेंगे।
दुर्ग ग्रामीण…जीत के अंतर से क्रीब दौगुने वोटर्स के नाम सूची से कटेभाजपा के ललित चंद्राकर 16642 मतों से जीते थे। उन्हें 87175 और कांग्रेस के ताम्रध्वज साहू को 70533 मत मिले थे। 30,539 नाम सूची से हट चुके हैं, जो जीत के अंतर से करीव दोगुना है।मायने सामाजिक बदलाव एक दिशा में झुकते हैं तो समीकरण पलट सकते हैं। संगठन की मजबूती और मतदाता संपर्क निर्णायक साबित होंगे।
रायपुर जिले से करीब 5 लाख नाम हटाए गए
जिला-वार आंकड़ों की बात करें तो सबसे ज्यादा नाम रायपुर जिले से हटाए गए हैं, यहां 4,98,556 मतदाताओं के नाम विलोपित किए गए हैं। वहीं सबसे कम नाम खैरागढ़ जिले में हटाए गए हैं, यहां से केवल 9,843 नाम सूची से हटाए गए हैं। SIR की शुरुआत से पहले छत्तीसगढ़ में कुल मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 थी। प्रारूप (ड्राफ्ट) सूची जारी होने के बाद यह संख्या घटकर 1 करोड़ 84 लाख 95 हजार 920 रह गई थी।
अंतिम चरण की सुनवाई के बाद जुड़े 2.34 लाख नाम
इसके पश्चात प्राप्त दावों और आपत्तियों की सुनवाई के बाद अंतिम सूची जारी की गई, जिसमें मतदाताओं की संख्या बढ़कर 1 करोड़ 87 लाख 30 हजार 914 हो गई है। अंतिम चरण की सुनवाई के दौरान 2 लाख 34 हजार 994 नए नाम जोड़े गए। पूरी प्रक्रिया में फर्जी, दोहराव अथवा अपात्र पाए गए नामों को हटाकर सूची को अपडेट और शुद्ध किया गया है।प्रेस रिलीज में बताया गया है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कुल 27,196 बूथ लेवल अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं के सत्यापन का काम किया, गणना प्रपत्र वितरित किए और वोटर मैपिंग व वेरिफिकेशन का काम पूरा किया।
पिछले साल 27 अक्टूबर से शुरू हुई थी प्रक्रिया
भारतीय निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशों के अनुसार छत्तीसगढ़ में इलेक्टोरल रोल का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान 27 अक्टूबर, 2025 को शुरू हुआ था, और यह लगभग चार महीने तक चला। इस दौरान इसके अलग-अलग फेज़ को सफलतापूर्वक लागू किया गया।
