
भिलाई नगर।नगर पालिक निगम भिलाई के वार्ड-7 राधिका नगर की मैत्री विहार कॉलोनी में नजूल एवं ईडब्ल्यूएस की जमीन पर अवैध कब्जा की शिकायत करते हुए निगम कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा गया है।शिकायतकर्ता मदन सेन ने बताया कि मैत्री विहार कॉलोनी टाउन एंड कंट्री प्लानिंग अप्रूवल है। यहां ईडब्ल्यूएस और नजूल जमीन में लगातार कई वर्षों से भू माफिया, जमीन दलाल अवैध कब्जा का प्रयास करते रहे हैं। इन जमीनों को एक वर्ष पहले अवैध कब्जाधारियों से नगर पालिक निगम भिलाई ने शिकायत के आधार पर तत्काल कब्जा मुक्त किया गया था। अब फिर जमीन पर कब्जा किया जा रहा है, जिस पर तत्काल रोक लगाने एवं बेदखली करने की अति आवश्यकता है।

इस संदर्भ में शिकायत कॉलोनी वासियों द्वारा मिलकर की गई थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए जोन आयुक्त द्वारा उपरोक्त भूमि पर बोर्ड लगाया गया था, जिसे विगत कुछ दिनों पहले फिर से भूमाफियाओं ने हटा दिया है।भूमाफियाओं के ऐसे कृत्य और अवैध कब्जे को हटाने कालोनीवासियों ने आज निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंप कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ताओं ने बताया कि कुछ जमीन दलालों द्वारा फर्जी पेपर के आधार पर दोबारा कब्जा किया जा रहा है, वर्तमान में भू माफियाओं द्वारा जो पेपर तैयार किया गया है उसका खसरा नंबर अलग है और मैत्री विहार का खसरा नंबर अलग, फिर भी जमीन दलालों ने दबाव बना व दबंग व्यक्तियों से शिकायत करने वालों को डराया धमकाया जा रहा है।

वार्ड 7 राधिका नगर पार्षद आदित्य सिंह ने बताया कि मैत्री विहार कॉलोनी के पीछे के एरिया में ईडब्ल्यूएस की जमीन गरीब परिवारों के लिए सुरक्षित रखी गई है। उस जमीन पर शहर के जमीन दलालों ने नजरे कई वर्षो से गड़ा रखी थी। जमीन दलालों के द्वारा बाकायदा बाउंड्री वॉल करवा कर इस जमीन पर कब्जा किया जा रहा था। मैंने पूर्व में भी 2 साल पहले इस जमीन में हो रहे अवैध कब्जे को लेकर नगर निगम आयुक्त महोदय से शिकायत की थी, उसके बाद इस जमीन से कब्जेदारो को नगर निगम की टीम ने हटाया था, लेकिन फिर अभी जमीन दलालों के द्वारा कब्जा किया जा रहा है।यह जमीन गरीबों के लिए सुरक्षित रखी गई है ,उन्होंने कहा कि अगर कब्जा स्वयं से जमीन दलाल यहां से नहीं हटाते हैं तो वह आने वाले समय पर पुलिस में नाम दर्ज शिकायत कराएंगे।
उन्होंने जमीन दलालों से आग्रह भी किया कि गरीबों की जमीन कब्जा ना करें ।ऐसे ओर कई जगह जहां वो अपना काम करे गरीबी की जमीन पर कब्जा ना करे उससे अपनी रोजी रोटी ना चलाए।।

यह स्थिति वाकई चिंताजनक है। भूमाफियाओं का यह कृत्य न केवल अवैध है, बल्कि समाज के कमजोर वर्ग के लिए बहुत हानिकारक है। कॉलोनी वासियों का संघर्ष सराहनीय है, लेकिन सवाल यह है कि क्या सरकारी अधिकारी इस मामले में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करेंगे? जमीन दलालों का यह तरीका पूरी तरह से अनैतिक है और इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। क्या यह संभव है कि स्थानीय प्रशासन इस मामले में और अधिक सक्रिय भूमिका निभाए? गरीबों की जमीन पर कब्जा करना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता। क्या आपको नहीं लगता कि इस तरह के मामलों में सामुदायिक एकजुटता और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है?
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