रायपुर।छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में ACB और EOW की रेड पड़ी है। रायपुर में पचपेड़ी नाका स्थित वॉलफोर्ट इन्क्लेव में कार्रवाई चल रही है। धमतरी में भी रेड पड़ी है। राजनांदगांव में तीन स्थानों पर एक साथ EOW की टीम पहुंची है। दुर्ग जिले में खंडेलवाल कॉलोनी एवं भिलाई क्षेत्र में खुर्सीपार में छापे की कार्यवाही की जानकारी मिल रही है संस्कारधानी राजनांदगांव में राधा कृष्ण अग्रवाल भारतीय प्रेस के सामने इनका कोल माइंस का पुराना काम है व गवर्नमेंट सप्लायर है सुनील अग्रवाल के समधी है।
ललित भंसाली टेंट हॉउस संचालक एवं हवाला कारोबारी है,यश नाहटा,रोमिल नाहटा जो सत्यम विहार में रहता है।गवर्नमेंट सप्लायर है डोंगरगांव के मूल निवासी है।
सूत्रों के अनुसार ईओडब्लू की यह कार्रवाई खनन (माइनिंग) से जुड़े कारोबारियों, बड़े सप्लायर और ब्रोकर से संबंधित बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टीम संबंधित लोगों के वित्तीय लेन-देन और ठेकों की जानकारी जुटा रही है।शहर में ईओडब्लू की मौजूदगी की खबर फैलते ही हलचल मच गई। आमजन के बीच सुबह से ही चर्चाओं का दौर जारी है। लोग अलग-अलग तरह की अटकलें लगा रहे हैं कि यह कार्रवाई किस मामले से जुड़ी हुई है और आगे किन लोगों तक इसकी कड़ी पहुँच सकती है।
ये है घोटाले के आरोपी
बता दें कि डीएमएफ घोटाला मामले में कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें निलंबित आईएएस रानू साहू, आदिवासी विभाग की सहायक आयुक्त रही माया वारियर, कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, उपसचिव रही सौम्या चौरसिया, मनोज द्विवेदी, कोरबा डीएमएफ की तत्कालीन नोडल अधिकारी भरोसा राम ठाकुर, तत्कालीन जनपद सीईओ भुनेश्वर सिंह राज, राधेश्याम मिर्झा, वीरेंद्र कुमार राठौर को गिरफ्तार किया गया था। जबकि संजय शेंडे, ऋषभ सोनी और राकेश कुमार शुक्ला फिलहाल गिरफ्त से बाहर हैं
