भिलाई नगर।दुर्ग जिले के खुर्सीपार थाना क्षेत्र के अंतर्गत माझी चौक तिरंगा नगर में आज सुबह 8.30 बजे लगभग एक युवती के द्वारा 25 वर्षीय युवक को घर से बुलाया जाता है,ओर पड़ोस में रहने वाले कुछ युवकों द्वारा मिलकर उसकी हत्या कर दी जाती है।

क्षेत्र में हत्या की खबर मिलने से एक ओर सनसनी फैली है वहीं परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है घटना स्थल एवं परिजनों के यहां भीड़ का ताता लगा हुआ है।
खुर्सीपार थाना क्षेत्र में हाल ही में हत्या का दूसरा मामला प्रकाश में आया है।पिता शिवशंकर ने सीधा आरोप लगाया है कि मेरे पुत्र की हत्या हुई है, पुलिस इस मामले की निष्पक्षता के साथ जांच पड़ताल करे ताकि जो भी इसमें शामिल आरोपी है उन्हें उचित सजा मिल सके।
मजेदार बात ये है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्टेडियम में पुलिस एवं आबकारी विभाग के साये में सीएम विष्णु देव सायं की सायं सायं सरकार में प्रथम दिन शराब भट्टी खुलने के 24 घंटे भीतर ही दुर्ग पुलिस को हत्या जैसे संगीन मामला का मुंह देखना पड़ा।ये हम नहीं कह रहे है कि हत्या का कारण शराब खोरी या नशा है ये पुलिस का अपना जांच का विषय है,पुलिस अपनी जांच पड़ताल में जुटी हुई है,लेकिन अमूनन पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक अधिकांश हत्या के मामले में नशा ,अवैध संबंध,प्रेम संबंध, जमीन जायजाद जैसे मामले दुर्ग पुलिस के इसी तरह के हत्या जैसे मामले सामने आते रहे है।
मृतक धीरज सरोज उम्र 25 वर्ष की हत्या है कि कुछ अन्य कारण है यह डॉक्टरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। लेकिन दुर्ग जिला चाकू कटर एवं हत्या के मामले में प्रदेश के अन्य जिलों से अब अव्वल आने में कोई कमी नहीं दिख रही है, पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी एवं ACCU टीम की क्षेत्र में अपराधियों के प्रति कितनी नकेल कसने का जो तरीका है वह क्षेत्र में हो रही हत्या जैसे मामले प्रमाणित कर रहे है,कही ना कही कठोर परिश्रम करने वाले विभाग के पुलिस वालो से ईमानदारी से ड्यूटी लेने वाले आईजी रामगोपाल गर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल की छवि को भी निचला स्टाफ धूमिल कर रहा है।किस क्षेत्र में कौन अपराधी है इससे बेहतर पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी व थाने दार के अलावा कौन जानेगा, लेकिन दिन ब दिन हत्या जैसा संदिग्ध अपराध घटित हो रहा है तो ये दुर्ग पुलिस के लिए चुनौती भरा है।
मृतक के पिता शिव शंकर अपने पुत्र के साथ हुई घटना की जानकारी खुर्सीपार एवं सुपेला थाने में दी है पुलिस हत्या जैसी जानकारी सुनते ही सदमे में आ गई।दुर्ग पुलिस घटना के कारणों व कौन आरोपी है इसकी जांच में जुट गई है।अब देखना ये है कि पुलिस कितने घंटों में अपराधियों को पकड़ लेती है और सही आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर तो नहीं हो जाएंगे।

यहां ये बताना भी लाजमी है कि खुर्सीपार स्टेडियम में खुली शराब दुकान को लेकर कांग्रेस पार्षद व जोन अध्यक्ष भूपेंद्र यादव खुर्सीपार निवासियों के साथ कई दिनों तक शराब भट्टी नहीं खुलने को लेकर आंदोलनरत थे। शासन प्रशासन के मौजूदगी में भूपेंद्र यादव को पुलिस ने पहले पकड़ा फिर शाम को उनको रिहा भी किया।
कांग्रेस की एवं अन्य राजनीतिक दलों की सियासी राजनीति में ये मामला भूचाल ले आया है। शराब भट्टी खुले पहला दिन ही नहीं हुआ कि राज्य की सरकार व जिला व पुलिस प्रशासन को हत्या जैसा गिफ्ट राज्य स्थापना दिवस के पहले दे दिया गया है।
राज्य में जहां 1 नवंबर को राज्य का स्थापना दिवस बनाकर जोर शोर से तैयारी हो रही है देश के यशस्वी प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी का भी आगमन राजधानी रायपुर में होने जा रहा है। लेकिन पूरे राज्य में भय आतंक एवं अपराध का गढ़ छत्तीसगढ़ बनता जा रहा है।एक ओर राज्य की पुलिस बस्तर जैसे इलाके में नक्सलियों को ढेर कर के आत्मसमर्ण करा के देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृहमंत्री अमित शाह के सामने अपनी पीठ थपथपा के वाहवाही लुट रही है।राजनादगांव से लेकर अंबिकापुर तक मैदानी इलाकों में जो पुलिस कि छवि एवं कार्य प्रणाली है वह कई संदेह को जन्म दे रही है।
उस परिवार से पूछिए जानिए एवं समझिए जिस घर चिराग़ बुझ जाए और राज्य की पुलिस हत्या जैसा मामला दर्ज कर के भूल जाए हम ये नहीं कह रहे की पुलिस अपराध करने वाले अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे नहीं डाल रही है अपराधी पकड़े जा रहे है लेकिन बड़ा सवाल ये है कि हत्या में जिस युवक की जान चले गई उस का कसूर ही क्या था जिसने अभी जिंदगी की शुरुवात ही की थी कि भिलाई के खुर्सीपार के युवक को मौत के घाट उतार दिया गया।
