रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब डोंडा इलायची सट्टे के अवैध कारोबार की शिकायत राज्यपाल से की गई है। शिकायत में कहा गया है कि, रायपुर और आसपास के जिलों में डोंडा इलायची सट्टा का अवैध कारोबार बड़े पैमाने पर फैल चुका है। यह कोई साधारण गतिविधि नहीं बल्कि एक संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह द्वारा संचालित किया जा रहा अपराधिक व्यापार है, जो प्रदेश की आर्थिक सामाजिक और नैतिक व्यवस्था को दीमक की तरह खोखला कर रहा है।
डोडा इलायची का कारोबार
डोडा इलायची में सट्टा (जुआ) का प्रवेश एक गंभीर समस्या है जो मसाला व्यापार को प्रभावित कर रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, सट्टेबाज बाजार भाव से कम कीमतों पर इलायची के वायदा कारोबार (फ्यूचर ट्रेडिंग) में शामिल हैं, जिससे व्यापारियों को नुकसान हो रहा है।यह समस्या मुख्य रूप से ग्वालियर में केंद्रित है,अब यह कारोबार छत्तीसगढ़ के कई जिलों से संचालित हो रहा है,जहां सट्टेबाज नकली पर्चियों के माध्यम से करोड़ों का कारोबार कर रहे हैं। व्यापारी माल खरीदते या बेचते नहीं हैं, बल्कि सट्टेबाजी में शामिल होते हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान होता है। कुछ व्यापारियों पर तो सट्टेबाजों का करोड़ों रुपये का दबाव है, जिसके कारण एक व्यापारी ने आत्महत्या भी कर ली!इस समस्या के कारण, व्यापारियों ने सामूहिक रूप से सरकार और एजेंसियों से हस्तक्षेप करने की मांग की है, और कुछ व्यापारी सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं
सहरिया क्रांति के राष्ट्रीय संयोजक ने राज्यपाल से की शिकायत
सहरिया क्रांति संगठन के राष्ट्रीय संयोजक संजय बेचैन द्वारा राज्यपाल को की गई लिखित शिकायत में बताया गया कि रायपुर दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा और महासमुंद जिलों में यह मैक्स इलायची डोंडा सट्टा सिंडिकेट जड़े जमा चुका है। दिन-रात अवैध रूप से चल रहे सट्टे में लाखों रुपए की अवैध लेनदेन होता है। इसमें लगभग एक दर्जन व्यापारी शामिल हैं। संजय बेचैन ने आगे शिकायत में लिखा कि, इस सट्टा सिंडिकेट के चंगुल में फंसकर सैकड़ो छोटे व्यापारी और गरीब तबके के लोग आर्थिक रूप से बर्बाद हो चुके हैं, कुछ ने खुदकुशी जैसे कठोर कदम भी उठाए है। राज्यपाल से की गई शिकायत में कहा गया है कि कुछ अफसर और नेताओं की संरक्षण में यह व्यापार फल फूल रहा है। संजय बेचैन ने बताया कि इस मामले की राज्यपाल के अलावा मुख्यमंत्री और अन्य जांच एजेंसियों से भी शिकायत करने की तैयारी की जा रही है। उनका कहना है कि, स्पीड पोस्ट के माध्यम से राज्यपाल को शिकायत भेजी गई है और उनसे इस मामले में SIT बनाकर जांच करवाने का निवेदन किया गया है।
क्या है डोंडा इलायची सट्टा?
शिकायत में बताया गया है कि, कोल्ड पर्ची के माध्यम से यह सत्ता सिंडिकेट संचालित हो रहा है। इलायची वह अन्य महंगे मसालों के स्टॉक और उपलब्धता के आधार पर मार्केट में मूल्य नियंत्रण कर इस तरह के सट्टा गिरोह संचालित किया जा रहे हैं। शिकायत में कहा गया है कि, इस गिरोह के तार राज्यों और पड़ोसी देशों के सट्टा माफियाओं से जुड़े हुए हैं।
एक व्यापारी ने नाम नहीं बताने की शर्त में कई राज खोले
ये कोई मामूली मसले नहीं हैं,पूरे देश का मसाला व्यापार बर्बाद हो सकता है। अभी भी सरकार और एजेंसियों ने ध्यान नहीं दिया, तो इसका असर खाद्य सुरक्षा से लेकर जीएसटी राजस्व तक पर पड़ेगा।” व्यापारियों ने सामूहिक प्रेस वार्ता की योजना बनाई है, जिसमें देशभर के मसाला एसोसिएशन को जोड़ा जाएगा। साथ ही एक जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करने की भी तैयारी हो रही है। केरल की पहाड़ियों से शुरू हुआ इलायची का सफर अब छत्तीसगढ़ की मंडियों में अटक गया है — जहां स्वाद नहीं, सट्टा बिक रहा है। व्यापारी बर्बाद हो रहे हैं और जवाबदेही कोई लेने को तैयार नहीं। यह सिर्फ मसाले का मामला नहीं, यह भरोसे के व्यापार की बर्बादी है।
