रायपुर। छत्तीसगढ़ हज कमेटी के अध्यक्ष पद को लेकर चल रहे लंबे इंतजार और विवादों के बीच आखिरकार मंगलवार शाम बैरन बाजार स्थित हज कमेटी कार्यालय में चुनाव संपन्न हुआ। कांग्रेस नेता एवं अकलतरा के पूर्व पार्षद इमरान खान को अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया है। हालांकि, चुनाव प्रक्रिया को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है।
केवल 6 सदस्यों ने लिया मतदान में हिस्सा सूत्रों के अनुसार, हज कमेटी बोर्ड के कुल 11 सदस्यों में से 5 सदस्यों ने चुनाव का बहिष्कार किया और मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया। बचे हुए 6 सदस्यों ने ही वोट डाले। इनमें से कांग्रेस को चार वोट, बीजेपी को एक वोट, और एक वोट रिजेक्ट हो गया। बहुमत के आधार पर कांग्रेस समर्थित इमरान खान को विजेता घोषित किया गया।
चुनाव अधिकारी से संपर्क नहीं
चुनाव प्रक्रिया की वैधता को लेकर जब चुनाव अधिकारी दशरथ साहू से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में फिलहाल इमरान खान को ही हज कमेटी का अध्यक्ष माना जा रहा है, लेकिन अधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा बनी हुई है।
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष का बड़ा आरोप वहीं दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “हज कमेटी कार्यालय में गुंडागर्दी और दादागिरी करते हुए शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई गई।” उन्होंने एक निजी वार्ता में बताया कि इस मामले को लेकर थाने में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में अनैतिक दबाव और अव्यवस्था रही है, जिसकी शिकायत शासन को भी दी जाएगी।
डॉ सलीम राज ने मीडिया से कहा
“हज कमेटी की गुंडागर्दी और शासकीय कार्य में बाधा के खिलाफ हम थाने में लिखित शिकायत देने जा रहे हैं। यह पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं थी और हम इसका विरोध करेंगे।” अब यह देखना अहम होगा कि शासन इस विवादित चुनाव प्रक्रिया पर क्या रुख अपनाता है। क्या इमरान खान की ताजपोशी बरकरार रहेगी या फिर जांच के बाद चुनाव दोबारा होगा – इसका जवाब आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
