रायपुर।पीएम नरेंद्र मोदी आज वर्चुअली जुड़कर छत्तीसगढ़ के पांच रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे। अंबिकापुर में इसे लेकर मुख्य कार्यक्रम होगा, जहां पर सीएम साय मौजूद रहेंगे। ये सभी रेलवे स्टेशन अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत मार्डन बनाये गये हैं, जहां महिलाओं के लिए अलग से वेटिंग एरिया, दिव्यांगों के लिए रैंप,एस्केलेटर जैसी सुविधायें मिलेंगी।
भारतीय रेलवे की “अमृत भारत स्टेशन योजना” के तहत देश के विभिन्न जगहों पर स्थित रेलवे स्टेशनों को आधुनिक स्वरूप प्रदान किया जा रहा है । इसी क्रम में 22 मई बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के 103 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण कर राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
ये हैं छत्तीसगढ़ के पांच रेलवे स्टेशन
- डोंगरगढ़
- भानुप्रतापपुर
- भिलाई
- उरकुरा
- अंबिकापुर
छत्तीसगढ़ के कुल 32 रेलवे स्टेशनों का चयन इस योजना के तहत किया गया है। इन पर कुल अनुमानित लागत ₹1680 करोड़ है। इन स्टेशनों पर अधोसंरचना विकास, अत्याधुनिक सुविधाओं का निर्माण तथा स्थानीय कला और विरासत को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है । 6.93 करोड़ की लागत से पुनर्विकसित उरकुरा स्टेशन, अब एक आधुनिक, स्वच्छ और यात्रियों के अनुकूल स्टेशन बन चुका है। इन स्टेशनों का पुनर्विकास राज्य के दूरस्थ एवं औद्योगिक क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने, पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों के जीवनस्तर को सुधारने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध होगा ।
छत्तीसगढ़ के अमृत भारत स्टेशन:1. भाटापारा 2. भिलाई पावर हाउस 3. तिल्दा नेवरा 4. बिल्हा 5. भिलाई 6. बालोद 7. दल्ली राजहरा 8. भानुप्रतापपुर 9. हथबंद 10. सरोना 11. मरोदा 12. मंदिर हसौद 13. उरकुरा 14. निपानिया 15. भिलाई नगर 16. रायपुर 17. दुर्ग 18. राजनांदगांव 19. डोंगरगढ़ 20. रायगढ़ 21. बाराद्वार 22. चाम्पा 23. नैला-जांजगीर 24. अकलतरा 25. कोरबा 26. उसलापुर 27. पेंड्रारोड 28. बैकुंठपुर रोड 29. अंबिकापुर 30. बिलासपुर 31. महासमुंद 32. जगदलपुर

यह योजना वाकई भारतीय रेलवे के विकास में एक बड़ा कदम है। आधुनिक सुविधाओं और स्थानीय कला को बढ़ावा देने से स्टेशन न केवल यात्रियों के लिए आरामदायक होंगे, बल्कि पर्यटन को भी प्रोत्साहित करेंगे। छत्तीसगढ़ के 32 स्टेशनों का चयन करना और उन पर इतना बड़ा निवेश करना राज्य के विकास के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उरकुरा स्टेशन का पुनर्विकास एक उदाहरण है कि कैसे योजनाएं वास्तविक रूप में जमीन पर उतर सकती हैं। हालांकि, क्या यह सुनिश्चित किया गया है कि इन स्टेशनों का रखरखाव भी उसी स्तर पर होगा? इस योजना से स्थानीय लोगों के जीवनस्तर में कैसे सुधार होगा, इस पर और विस्तार से चर्चा होनी चाहिए। क्या आपको नहीं लगता कि इस तरह की योजनाएं भारतीय रेलवे को एक नई पहचान देंगी?
भारतीय रेलवे की “अमृत भारत स्टेशन योजना” वाकई में एक प्रशंसनीय पहल है। यह न केवल स्टेशनों को आधुनिक बना रही है, बल्कि स्थानीय कला और विरासत को भी बढ़ावा दे रही है। छत्तीसगढ़ के 32 स्टेशनों का चयन करना और उन पर ₹1680 करोड़ खर्च करना एक बड़ा कदम है। उरकुरा स्टेशन का पुनर्विकास यात्रियों के लिए एक बेहतर अनुभव प्रदान करेगा। यह योजना राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद करेगी। पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों के जीवनस्तर को सुधारने की दिशा में यह एक क्रांतिकारी कदम है। क्या आपको नहीं लगता कि इस तरह की योजनाएं देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी?
भारतीय रेलवे की “अमृत भारत स्टेशन योजना” वाकई में एक प्रशंसनीय पहल है। यह न केवल रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बना रही है, बल्कि स्थानीय कला और विरासत को भी बढ़ावा दे रही है। छत्तीसगढ़ के 32 स्टेशनों का चयन करना और उन पर ₹1680 करोड़ खर्च करना एक बड़ा कदम है। उरकुरा स्टेशन का पुनर्विकास एक उदाहरण है कि कैसे यह योजना यात्रियों के लिए सुविधाओं को बेहतर बना रही है। यह निश्चित रूप से राज्य के दूरस्थ और औद्योगिक क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद करेगा। पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों के जीवनस्तर को सुधारने की दिशा में यह एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा। क्या आपको नहीं लगता कि इस तरह की योजनाओं से देश के विकास में तेजी आएगी?