भिलाई के खेल मैदानों का होगा निजीकरण..?शांति नगर दशहरा मैदान को टेंडर प्रक्रिया से मुक्त कर रुचि की अभिव्यक्ति के माध्यम से देने की मांग,वार्ड वासियों ने आयुक्त,महापौर को सौंपा ज्ञापन

भिलाई।शांति नगर के वरिष्ठ नागरिकों ने वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बृजमोहन सिंह एवं पार्षद अभिषेक मिश्रा के नेतृत्व में नगर निगम भिलाई के महापौर एवं आयुक्त से मुलाकात कर शांति नगर दशहरा मैदान के संबंध में नागरिकों की भावनाओं से अवगत कराया।

प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट रूप से मांग रखी कि नगर निगम द्वारा जारी किया गया टेंडर तत्काल निरस्त किया जाए। इस ग्राउंड से हजारों खेल प्रेमियों की खेल भावना जुड़ी हुई है, इसलिए इसे किसी भी प्रकार की टेंडर प्रक्रिया के अंतर्गत न लाया जाए।

नागरिकों की ओर से यह मांग रखी गई कि मैदान को टेंडर के माध्यम से नहीं, बल्कि रुचि की अभिव्यक्ति (Expression of Interest) के माध्यम से केवल रख-रखाव हेतु शांति नगर की किसी स्थानीय समिति/संस्था को सौंपा जाए, ताकि मैदान की नियमित देखरेख, घास में समय पर पानी, लाइटों की निगरानी, गड्ढों की मरम्मत एवं असामाजिक गतिविधियों पर रोक सुनिश्चित की जा सके।वर्तमान में कई बाहरी लोग टूर्नामेंट आयोजित कर एंट्री फीस लेते हैं, परंतु मैदान के रख-रखाव में सहयोग नहीं करते, जिससे मैदान को नुकसान पहुंचता है।प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि टेंडर प्रक्रिया समाप्त नहीं की जाती है, तो शांति नगर के सैकड़ों खेल प्रेमी एवं नागरिक नगर निगम के विरुद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे और यह विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं कर दी जाती।

महापौर ने चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि मैदान को रुचि की अभिव्यक्ति के अनुसार ही दिया जाएगा तथा वर्तमान टेंडर प्रक्रिया में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि नियम एवं शर्तें नागरिकों के सुझावों के अनुरूप निर्धारित की जाएंगी। महापौर ने यह भी कहा कि नगर निगम का उद्देश्य भी मैदान को सुरक्षित एवं संरक्षित रखना है, इसी भावना से प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी, जिसे अब नागरिकों की मांग के अनुसार संशोधित किया जाएगा।यह पूरी पहल शांति नगर के नागरिकों की मांग एवं भावनाओं को ध्यान में रखते हुए की गई है।

स्थानीय समिति को जिम्मेदारी देने के पीछे निम्न प्रमुख कारण बताए गए।

  • वर्तमान में कई बाहरी व्यक्ति टूर्नामेंट आयोजित कर खिलाड़ियों से एंट्री फीस के नाम पर राशि लेते हैं, परंतु मैदान के रख-रखाव में कोई सहयोग नहीं करते।
  • कई आयोजनों के दौरान वाहन मैदान के अंदर तक ले जाए जाते हैं, जिससे घास और मैदान की सतह को नुकसान पहुंचता है।
  • मैदान में लगी लाइटें रातभर जलती रहती हैं, जिसकी देखरेख करने वाला कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं होता।
  • कई स्थानों पर गड्ढे खोद दिए जाते हैं, जिससे खिलाड़ियों को चोट लगने का खतरा बना रहता है।
  • कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा मैदान परिसर में नशाखोरी जैसी गतिविधियों की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।

आज के इस ज्ञापन देने वालों में निम्नलिखित वार्ड वासी व नागरिक उपस्थित रहे बलदेव सिंह ठाकुर, केदार बंसल, आशीष त्रिपाठी, चंद्रभूषण झा, अमर सिंह, भरत सिंह, संजय उपाध्याय, नवतेज सिंह सोहेल, महेंद्र यादव, राजेश यादव, धर्मेंद्र पाटिल, मुरली पोद्दार, सत्यनारायण राव, गिरीश खापोड़े, राजेश शर्मा आदि मौजूद थे।

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