सरकार के मंत्रियों के इशारे पर पुलिस युवाओं, व्यापारियों एवं किसानों पर बर्बरता न बरते-देवेंद्र,केंद्रीय जेल में बंद निर्दोष लोगों से मिलने पहुंचा काँग्रेस का दल

  • प्रशासन विपक्ष के साथ समन्वय बनाकर काम करे न कि दवाब में

दुर्ग।छत्तीसगढ़ राज्य में बढे हुए जमीन जमीन की दरों व प्रशासन के दवाब में व्यापारियों और आम जनता पर की गईं लाठी चार्ज के मामले में युवा विधायक देवेंद्र यादव ने एक दिन पहले अपने समर्थकों के साथ एक दिवसीय उपवास धरना कार्यक्रम देकर अपनी बातों को शासन, प्रशासन तक पहुंचाया ।

आज इसी कडी में युवा विधायक देवेंद्र यादव जेल में बंद निर्दोष लोगों से मिलने केंद्रीय जेल दुर्ग पहुँचे ।श्री यादव के केंद्रीय जेल पहुँचते ही परिजनों ने उनके परिवार के साथ हुई पुलिस बर्बरता की बातें उन्हें बताई ।जेल के अधिकारी मनीष सर से उन्होंने कहा कि पुलिसिया लाठी चार्ज में जेल में बंद सभी लोगों के परिजनों से सर्वप्रथम मुलाक़ात करायें, एवं जो जरुरत का सामान है उनको उपलब्ध करायें ।

श्री यादव के साथ पूर्व विधायक अरुण वोरा, पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल, पार्षद सीजू एन्थोनी, सुमित पवार, सोनू साहू, फतेह सिंह भाटिया सहित युवा काँग्रेस (NSUI ) के लोग भी बडी संख्या में उपस्थित थे । श्री यादव ने जेल के भीतर जाकर जितेंद्र बत्रा सहित सभी पीडितों से मुलाक़ात की। सभी पीडितों ने MLA देवेंद्र को बताया कि पुलिस ने उनके साथ काफी बर्बरता पूर्वक व्यवहार किया, लाठियाँ बरसाई, कइयों के हाथ, पैर टूट गए एवं कुछ के सर फूट गए। जिसमें से दो लोगों का इलाज राजधानी रायपुर के अस्पताल में हो रहा है ।

श्री यादव ने जेल से बाहर आकर मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि जेल में बंद लोगों ने उन्हें पुलिस बर्बरता की जानकारी दी है। ये सभी लोग युवा वर्ग के लोग हैं, छोटा-मोटा इन्वेस्टमेंट करके रोजगार चलाने का प्रयास कर रहे हैं । लाठी चार्ज की दुर्ग पुलिस की कार्यवाही में कइयों के सर फूट गए हैँ, हाथ पैर टूट गए हैं। एक दिन पहले पुलिस छोटी धाराओं में कार्यवाही करती है और अगले दिन दंगे जैसी बडी धाराएं लगा दी जाती हैं और सुबह 5 – 6 बजे दरवाजा तोड़कर लोगों को उठाया जाता है और बदसलूकी की जाती है ।पुलिस की ऐसी हरकत दुर्ग के सौहार्द के लिए ठीक नहीं है। निर्दोष लोगों पर अपराधियों जैसा व्यवहार करना ठीक नहीं है।

हम समय लेकर एस एस पी साहब से मिलने आये थे, मगर वे नहीं मिले ।तब हमने सारी बातें एडीशनल एसपी (ग्रामीण) अभिषेक झा को बताईं कि प्रशासन विपक्ष के साथ समन्वय बनाकर कार्य करे, सरकार के मंत्रियों के इशारे पर लाठी चार्ज व तुगलकी फरमान न जारी करे ।श्री यादव ने आगे कहा कि जिन लोगों का डाक्टरी मुलाहिजा नहीं हुआ है, उनका मुलाहिजा करवाया जाय। जबरदस्ती लोगों को पुलिस अपराधी न बनाये। जमानत में पुलिस आपत्ति न करे। जमानत में पुलिस सहयोगात्मक रवैया अपनाये। हमारी लडाई पुलिस प्रशासन से नहीं है। मुझे अपनी बात रखनी होगी तो चौक चौराहों पर रखूँगा। मैं अपनी बातें विधानसभा सत्र में व कैबिनेट स्तर पर रखूँगा एवं सरकार से अपनी बात मनवाउँगा। जिन पुलिस वालों को चोटें लगी हैं उनको पब्लिक डोमेन में सार्वजनिक करें।क्योंकि असली चोट लाठी चार्ज में घायल, जेल में बंद लोगों से मिलकर आज ज्ञात हुई। असली घायल वे लोग हैं, जिन्होंने आप बीती बताई, चोट दिखाई एवं बातें सुनाई। छत्तीसगढ़ में हर व्यक्ति के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध मैं मुखरता के साथ लडूँगा। पुलिस बर्बरता न करे ,आम जनता, व्यापारी, किसान एवं युवा को प्रताड़ित न करे। जो धाराएं इन पर लगाईं गयीं हैं उन्हें श्री यादव ने गलत बताया है। कल हमने जो धरना प्रदर्शन किया था, वह शांतिपूर्ण था।

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