हाइलाइट्स
- गोपाल खेमका हत्याकांड में पुलिस का एक्शन।
- अवैध हथियार सप्लाई करने वाले विकास उर्फ राजा को मारा गया।
- पुलिस पर फायरिंग कर रहा था आरोपी।
पटना। बिहार की राजधानी पटना में कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या के बाद से पुलिस एक्शन मोड में है। आरोपियों की धरपकड़ के बीच एसआईटी और एसटीएफ की टीम ने हत्याकांड से जुड़े एक आरोपी के ठिकाने पर छापा मारा था। उसने पुलिस को देख फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उस पर फायरिंग की, जिसमें उसकी मौत हो गई।
गोपाल खेमका हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले में वांछित एक कुख्यात अपराधी विकास उर्फ राजा को एसआईटी और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। यह मुठभेड़ पटना सिटी के मालसलामी थाना क्षेत्र के दमरिया घाट के पास हुई, जहां विकास ने पुलिस पर फायरिंग कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे मौके पर ही मार गिराया।
राजा ने ही बेची थी बंदूक
जानकारी के अनुसार, विकास उर्फ राजा अवैध हथियारों का निर्माण और बिक्री करता था। हत्याकांड की जांच में जुटी टीम को इनपुट मिला था कि गोपाल खेमका हत्याकांड में इस्तेमाल किया गया हथियार विकास ने ही उपलब्ध कराया था। इस सूचना के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने रेड की योजना बनाई थी। जैसे ही पुलिस की टीम रेड करने पहुंची, विकास ने बिना कोई चेतावनी दिए फायरिंग शुरू कर दी। खुद को घिरता देख वह अंधाधुंध गोलियां चलाने लगा। जवाबी फायरिंग में वह घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।पुलिस ने एनकाउंटर स्थल से एक पिस्टल और एक खोखा बरामद किया है, जो जांच में उपयोगी साबित हो सकते हैं।
एनकाउंटर में ढेर हुआ
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गोपाल खेमका की हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की सप्लाई विकास उर्फ राजा ने ही की थी। इस हथियार को उमेश यादव ने खरीदा था, जो मुख्य आरोपियों में से एक है। पुलिस अब उमेश यादव और विकास के बीच के संबंधों और हथियार सप्लाई नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है। एनकाउंटर की पुष्टि करते हुए पटना पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। बता दें कि, गोपाल खेमका की हत्या के बाद से सियासी बवाल मचा हुआ है।
