बीजेपी नेता की अवैध अफीम खेती, पुलिस ने फार्महाउस पर मारा छापा;पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजेपी सरकार पर बोला हमला,पार्टी ने किया सस्पेंड

दुर्ग।दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में शुक्रवार को बड़े पैमाने पर अफीम की अवैध खेती का मामला उजागर हुआ है। जिससे जिला प्रशासन समेत पुलिस महकमे में हड़कंप का माहौल है। करीब 10 एकड़ क्षेत्र में अफीम की खेती के लिए उपयोग लाई जा रही यह खेत दुर्ग जिला भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष और प्रदेश किसान मोर्चा संयोजक(राइस मिल प्रसंस्करण प्रकल्प) विनायक ताम्रकार के रिश्तेदार की बताई गई है। लिहाजा अफीम की अवैध खेती के इस मामले ने राजनीतिक रुप भी ले लिया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार को कांग्रेस नेताओं के साथ ग्राम समोदा पहुंचे और अफीम की अवैध खेती की पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने अफीम की खेती का स्थल का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से चर्चा की। निरीक्षण के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि अफीम की अवैध खेती का यह मामला बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके। श्री बघेल ने कहा कि अफीम की खेती मामले में जिस भाजपा नेता का नाम सामने आ रहा है, वह काफी रसुखदार है। उसे भाजपा नेताओं का संरक्षण प्राप्त है।

पहले हम कहते थे कि अफीम पंजाब के बॉर्डर और गांजा उड़ीसा से पहुंच रहा है, लेकिन अब दुर्ग में ही शासन-प्रशासन के नाक के नीचे अफीम की खेती पकड़ी गई है। नशे का यह कारोबार भाजपा सरकार के संरक्षण में हो रहा है। इस अफीम की खेती का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है,यह जांच का विषय है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ उचित कार्यवाही होगी, पूरे मामले पर कांग्रेस नजर रखेगी। 9 मार्च से विधानसभा का सत्र भी शुरु हो रहा है। वे इस मामले को सदन में ध्यानाकर्षण में लगाएंगे।

अफीम की अवैध खेती के स्थल निरीक्षण के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ दुर्ग जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर, दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल,भिलाई कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव अय्युब खान,निखिल खिचरिया, सन्नी साहू के अलावा अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

बता दें कि ग्राम समोदा में शुक्रवार को अफीम की अवैध खेती की सूचना मिलने पर पुलिस द्वारा कार्रवाई की गई, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आया। जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह, एसएसपी विजय अग्रवाल के अलावा अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे। फिलहाल जिला प्रशासन व पुलिस विभाग इस पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है। ग्राम समोदा में करीब 10 एकड़ खेत में अफीम की खेती की जा रही थी। जिसे छिपाने के लिए खेत के चारों और बाउंड्री और गेट लगाया गया था। इतना ही नहीं, खेत की सुरक्षा के लिए बाउंसर भी तैनात किए गए थे, ताकि किसी को इसकी भनक नवा सके। खेत में मक्का, पपीता और केला की फसल के बीच अफीम के पौधे लगाए गए थे, जिसमें बाहर से देखने पर यह सामान्य खेती लगे।

एएसपी सुखानंदन राठौर के मुताबिक इस पूरे मामले का खुलासा बेहद रोचक तरीके से हुआ। होली के दिन गांव कुछ बच्चे दोपहर में नदी किनारे गए थे। इसी दौरान एक बच्चे ने खेत में लगे अफीम के फल को फोटो खींचकर ग्राम के वाट्सएप ग्रुप में शेयर कर दी। गांव के सरपंच अरुण गौतम ने फोटो को गुगल पर मिलाया, जिससे पता चला कि यह के फोटो अफीम के फल की है। इसके बाद तुरंत इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

विनायक ताम्रकार भाजपा से निलंबित

भारतीय जनता पार्टी, छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार किसान मोर्चा के प्रदेश संयोजक (राइस मिल प्रसंस्करण प्रकल्प) विनायक ताम्रकार को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। यह आदेश प्रदेश भाजपा कार्यालय से 7 मार्च 2026 को जारी किया गया है। जारी आदेश में कहा गया है कि विनायक ताम्रकार के आचरण एवं कृत्यों से भारतीय जनता पार्टी की छवि धूमिल हुई है, जो कि पार्टी अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। इसी कारण प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित किया गया है। प्रदेश कार्यालय से जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होगा। आदेश की प्रति प्रदेश अध्यक्ष, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री, प्रदेश महामंत्री (संगठन), किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष तथा जिला भाजपा अध्यक्ष दुर्ग को भी प्रेषित की गई है। निलंबन आदेश भाजपा के प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मारकण्डेय ने जारी किया। इधर भाजपा नेताओं का कहना है कि उन्हें अफीम की खेती की कोई जानकारी नहीं थी। उनका दावा है कि जमीन अधिया (आधी फसल) पर दी गई थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।

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