म्यूल खातों से अवैध धन अर्जन करने वाले 04 अंतरराज्यीय आरोपी गिरफ्तार,13 बैंक पासबुक, 07 चेकबुक, 18 एटीएम कार्ड, 04 मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड 5700 नगद जप्त

  • समन्वय पोर्टल पर जांच में केरल, कर्नाटक, बिहार एवं गुजरात राज्यों में साइबर शिकायत दर्ज पाई गई।

भिलाई।भिलाई थाना जामुल को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि सीसीएम मेडिकल कॉलेज रोड, कुरूद स्थित गुप्ता पीजी मकान के पास कुछ व्यक्ति अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों का दुरुपयोग कर अवैध धन अर्जित कर रहे हैं। सूचना पर तत्काल पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की गई एवं संदेहियों को पकड़ा गया।पूछताछ एवं तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों की पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड एवं मोबाइल फोन जप्त किए गए। जप्त बैंक खातों को समन्वय पोर्टल पर सत्यापन करने पर 02 पासबुक एवं 01 चेकबुक संबंधित खातों में केरल, कर्नाटक, बिहार एवं गुजरात राज्य में साइबर धोखाधड़ी संबंधी शिकायत दर्ज होना पाया गया।

दूसरे राज्यों से जुड़े है मामले

जब्त खातों का सत्यापन समन्वय पोर्टल पर किया गया। जांच में पता चला कि दो पासबुक और एक चेकबुक से जुड़े खातों में केरल, कर्नाटक, बिहार और गुजरात में साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं। इससे स्पष्ट है कि गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था और अलग-अलग राज्यों के साइबर अपराधियों से जुड़ा हुआ था।इस मामले में पुलिस ने मोहम्मद अब्दुला राईन उर्फ अमन (24) निवासी अहमद नगर कैंप-02 छावनी, हिमांशु पटेल (31) निवासी सेक्टर-01 भिलाई भट्टी, पुट्टा राकेश बाबू (27) निवासी भीमावरम, वेस्ट गोदावरी आंध्र प्रदेश, शुभम स्वाई (20) निवासी सुंदरगढ़ को गिरफ्तार किया है।आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 317(2), 3(5) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया। जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

क्या है म्यूल अकाउंट, कैसे करता है काम?

म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं जिन्हें लालच या कमीशन के बदले साइबर अपराधियों को उपयोग के लिए दिया जाता है। ठगी से हासिल रकम पहले इन खातों में ट्रांसफर की जाती है, फिर एटीएम या अन्य माध्यम से निकालकर आगे भेज दी जाती है। इस तरह असली अपराधी पर्दे के पीछे रहते हैं, जबकि खाता धारक कानूनी कार्रवाई की जद में आ जाते हैं।

उक्त कार्यवाही में थाना जामुल के थाना प्रभारी निरीक्षक रामेन्द्र सिंह, उप निरीक्षक सौमित्री भोई, सहायक उप निरीक्षक महफूज खान, प्रधान आरक्षक राजेन्द्र देशमुख, आरक्षक तोषण चन्द्राकर, चंदन सिंह, संतोष, रूपनारायण एवं अतुल यादव की सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका रही।

दुर्ग पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड अथवा सिम कार्ड उपयोग हेतु उपलब्ध न कराएं। साइबर अपराध से संबंधित किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस अथवा साइबर हेल्पलाइन को दें। म्यूल खाता उपलब्ध कराने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

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