भिलाई।छत्तीसगढ़ के कोटे से राज्यसभा की दो सीटें खाली हो रही हैं, जिसके लिए निर्वाचन आयोग की तरफ से चुनाव का ऐलान हो गया है. कांग्रेस सांसद केटीएस तुलसी और फूलोदेवी नेताम का कार्यकाल पूरा हो रहा है. यह दोनों सीटें कांग्रेस के पास थी, लेकिन अब छत्तीसगढ़ में सियासी समीकरण बदल चुके हैं बीजेपी कांग्रेस के विधायकों की संख्या के हिसाब से एक-एक सीट दोनों पार्टियों को मिलती दिख रही है, यानि इस बार बीजेपी एक सीट जीतने में कामयाब होगी तो कांग्रेस अपनी एक ही सीट बचा पाएगी, जिसके लिए छत्तीसगढ़ में सियासी बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है.
छत्तीसगढ़ विधानसभा का गणित
छत्तीसगढ़ में 2023 में बीजेपी ने जोरदार वापसी की थी, जिसके बाद से विधानसभा का गणित बदल चुका है। वर्तमान में 90 सीटों में से बीजेपी के 54 विधायक है, जबकि कांग्रेस के पास 35 विधायक हैं, वहीं 1 विधायक गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का है। पिछली बार जब इन सीटों पर राज्यसभा चुनाव हुए थे तो बीजेपी के पास विधायक पर्याप्त नहीं थे, ऐसे में दोनों सीटें कांग्रेस को मिली थी, लेकिन अब एक सीट बीजेपी के पास जाना तय माना जा रहा है, लेकिन अगर तीसरा प्रत्याशी मैदान में आता है तो फिर मुकाबला दिलचस्प होगा, क्योंकि फिर वोटिंग की स्थिति बन सकती है। क्योंकि 90 विधानसभा वाले सदन में दो सीटों के लिहाज से एक सीट पर जीत के लिए 31 विधायकों की जरुरत होगी। बीजेपी और कांग्रेस के पास यह संख्या बल पर्याप्त है, लेकिन अगर तीसरा प्रत्याशी मैदान में आता है तो समीकरण दिलचस्प हो सकते हैं।
छत्तीसगढ़ में राज्यसभा सीट के लिए सियासी हलचल शुरू हो चुकी है। पिछली बार कांग्रेस ने स्थानीय नेता फूलो देवी नेताम को राज्यसभा भेजा था, जबकि केटीएस तुलसी राज्य से बाहर के प्रत्याशी थे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस इस बार भी किसी आदिवासी नेता पर ही दांव लगा सकती है। वहीं बीजेपी किसी आदिवासी या फिर ओबीसी वर्ग से आने वाले प्रत्याशी को राज्यसभा भेज सकती है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की एंट्री
छत्तीसगढ़ से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्यसभा उम्मीदवार हो सकते ऐसा चर्चाओं का बाजार गर्म है!कांग्रेस से इस बार भूपेश बघेल को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने प्रबल संभावना दिख रही है।भूपेश बघेल कांग्रेस के सचिन पायलट के बाद सबसे बड़े ओबीसी नेता है जिससे ओबीसी वर्ग में एक अच्छा मैसेज देने की कोशिश होगी।भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे चुके, वर्तमान में पंजाब कांग्रेस प्रभारी है, असम चुनाव के लिए सीनियर पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया।वहीं फूलों देवी नेताम भी पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की काफी करीबी मानी जाती है लेकिन इस बार भूपेश बघेल के चांस ज्यादा लग रहे है वो जमीनी नेता के साथ सब से चर्चित मुख्यमंत्री रहे है ऐसे में कयास लगाए जा रहे है कि अगर भूपेश बघेल राज्यसभा जाएंगे तो उनके विधानसभा पाटन से उम्मीदवार कौन होगा?
16 मार्च को होगा चुनाव
निर्वाचन आयोग के मुताबिक छत्तीसगढ़ की 2 राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को चुनाव होगा, हालांकि अगर केवल दो ही सांसद जाते हैं और तीसरा प्रत्याशी नहीं आता तो वोटिंग की स्थिति नहीं बन सकती है। 16 मार्च को वोटिंग के बाद उसी दिन काउंटिंग होगी और नतीजों का ऐलान हो जाएगा। 26 फरवरी को नोटिफिकेशन, 5 मार्च तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे और 6 मार्च को स्क्रूटनी होगी, जबकि 9 मार्च नाम वापसी का आखिरी दिन होगा. सांसद केटीएस तुलसी और फूलो देवी नेताम का कार्यकाल 2 अप्रैल को खत्म हो जाएगा।
