दुर्ग (ग्रामीण) जिला कांग्रेस में नई टीम की आहट, बड़ा बदलाव संभव, वरिष्ठ नेताओं के साथ अंतिम दौर का मंथन,संगठनात्मक समीक्षा के बाद सूची लगभग तैयार

दुर्ग। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार जिला कांग्रेस कमेटी, दुर्ग (ग्रामीण) की नई कार्यकारिणी की घोषणा अगले कुछ दिनों में होने की प्रबल संभावना है। जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर द्वारा वरिष्ठ नेताओं के साथ अंतिम दौर के मंथन और संगठनात्मक समीक्षाओं के बाद सूची लगभग तैयार मानी जा रही है। आधिकारिक मुहर लगते ही जिले की राजनीति में में अहम बदलाव तय है।बताया जा रहा है कि यह कार्यकारिणी केवल संगठनात्मक विस्तार नहीं, बल्कि वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव की रणनीतिक कमान संभालने वाली टीम होगी। बूथ प्रबंधन से लेकर जनसंपर्क अभियान, मुद्दा आधारित आंदोलन से लेकर प्रशिक्षण शिविर—सभी की रूपरेखा इसी टीम के जरिए प्रभाव में लाएगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दुर्ग (ग्रामीण) जिले की चारों विधानसभा सीटें कांग्रेस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल मानी जाती हैं, ऐसे में कार्यकारिणी गठन को “मिनी चुनावी ब्लूप्रिंट” के तौर पर देखा जा रहा है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर के कार्यक्षेत्र में आने वाली चारों विधानसभा सीटें प्रदेश राजनीति में खास महत्व रखती हैं।

पाटन विधानसभा

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का विधानसभा क्षेत्र। यह सीट प्रदेश की राजनीतिक दिशा तय करने वाली मानी जाती है। यहां संगठन की मजबूती सीधे तौर पर राष्ट्रीय नेतृत्व से जुड़ी मानी जाती है।

दुर्ग ग्रामीण विधानसभा

यहां से पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू का प्रतिनिधित्व रहा है। यहां भी कांग्रेस की राजनीति में निर्णायक भूमिका को देखते हुए इस क्षेत्र में सामाजिक संतुलन और संगठनात्मक एकजुटता बेहद अहम होगी।

साजा विधानसभा (धमधा ब्लॉक)

कांग्रेस के कद्दावर नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री रविन्द्र चौबे का प्रभाव क्षेत्र। इस सीट पर संगठनात्मक पकड़ बनाए रखना कांग्रेस के लिए रणनीतिक दृष्टि से जरूरी माना जाता है।

अहिवारा विधानसभा

इस क्षेत्र से पूर्व मंत्री गुरु रुद्र कुमार का प्रतिनिधित्व रहा है। यहां सामाजिक समीकरण और जमीनी संगठन की सक्रियता चुनावी परिणाम तय करने में बड़ी भूमिका निभाती है।

सूत्रों की मानें तो नई कार्यकारिणी में विशेष ध्यान दिया जा रहा है।सामाजिक एवं क्षेत्रीय संतुलन, युवा और अनुभवी नेतृत्व का समन्वय, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, महिला एवं अल्पसंख्यक वर्ग को प्रतिनिधित्व, बूथ स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता, जिला कांग्रेस में सक्रियता बनाए रखने की रणनीति, कहा जा रहा है कि कुछ नए और ऊर्जावान चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि अनुभवी नेताओं को मार्गदर्शक भूमिका में स्थान दिया जा सकता है। हालांकि राकेश ठाकुर को जिले के लगभग सभी बड़े नेताओं का समर्थन प्राप्त है जिसका असर उनके कार्य शैली पर दिखाई पड़ता है इसलिए कार्यकारिणी की घोषणा में राकेश ठाकुर को सहायता होगी।

एक तरफ कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के काफी करीबी माना जाता है वही पूर्व केबिनेट मंत्री रविन्द्र चौबे कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर का खुले मंच पर कई बार तारीफ करते नजर आए है तो पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू भी अनेक मौकों पर संगठन कार्यों की तारीफ कर चुके है।राकेश ठाकुर के लिए यह कार्यकारिणी गठन एक बड़ी राजनीतिक दिशा तय करेगी । चार हाई-प्रोफाइल विधानसभा क्षेत्रों के बीच संतुलन बनाना, वरिष्ठ नेताओं की अपेक्षाओं का सम्मान करना और युवा कार्यकर्ताओं को अवसर देना—इन सबके बीच सामंजस्य स्थापित करना के लिए कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने जमीन पर काफी पसीना बहाए है। जिसका लाभ अब उन्हें जिला कांग्रेस की कार्यकारिणी गठन करने में मिलेगा क्योंकि राकेश ठाकुर ने लगातार भाजपा सरकार के खिलाफ विभिन्न मुद्दों पर आक्रामक नजर आए है और अनोखा प्रदर्शन कर कार्यकर्ताओ की सक्रियता परख चुके है।यदि यह टीम मजबूत, सक्रिय और समन्वित बनती है तो 2028 विधानसभा चुनाव में दुर्ग (ग्रामीण) कांग्रेस की स्थिति निर्णायक हो सकती है।

आधिकारिक घोषणा का इंतजार

हालांकि अभी अधिकृत सूची जारी नहीं हुई है, लेकिन संगठन के भीतर नामों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और राजनीतिक पर्यवेक्षकों की निगाहें अब जिलाध्यक्ष की घोषणा पर टिकी हुई हैं।नई कार्यकारिणी का गठन केवल पदों का बंटवारा नहीं, बल्कि 2028 की चुनावी बिसात बिछाने की शुरुआत माना जा रहा है।

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