रायपुर।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने छत्तीसगढ़ में एक बड़े संगठनात्मक पुनर्गठन का ऐलान करते हुए 28 नवंबर की देर रात 41 जिलाध्यक्षों की नई सूची जारी कर दी है। जिसमें 25 नए कांग्रेस जिला अध्यक्ष बनाए गए है 16 पर पार्टी ने फिर जताया भरोसा। पार्टी हाईकमान द्वारा किया गया यह बदलाव लंबे समय से प्रतीक्षित था और इसे 2028 के आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में नई ऊर्जा लाने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। वहीं यह सवाल उठ रहा है कि क्या 2028 के विधानसभा चुनाव में इतनी लेट-लतीफी कहीं भारी ना पड़ जाए।
इसके साथ ही जारी की गई इस सूची में रायपुर सिटी, बिलासपुर और नक्सल प्रभावित सुकमा समेत राज्य के लगभग हर प्रमुख जिले को कवर किया गया है। यह बदलाव कांग्रेस की ओर से ज़मीनी और स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का मानना है कि इसे पहले ही जारी कर देनी चाहिए था। एक लिस्ट बनाने में बहुत ज्यादा समय लग गया।
प्रमुख चेहरों को मिली अहम जिम्मेदारी
सूची के अनुसार, दुर्ग ग्रामीण से राकेश ठाकुर को पुनः अध्यक्ष नियुक्त किया है वहीं दुर्ग शहर के पूर्व महापौर रहे और पूर्व सीएम रहे भूपेश बघेल के बेहद करीबी धीरज बाकलीवाल पर दुर्ग जिला अध्यक्ष नियुक्त कर भरोसा जताया है।वही भिलाई शहर के अध्यक्ष रहे एवं राजनीति के चाणक्य कहने जाने वाले स्वर्गीय वासुदेव चंद्राकर के परिवार से ताल्लुकात रखने वाले मुकेश चंद्राकर को दूसरी बार कांग्रेस ने भरोसा जताते हुए उन्हें जिला अध्यक्ष की कमान सौंपी है।
रायपुर सिटी जैसे महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्र की कमान श्रीकुमार शंकर मेनन को सौंपी गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों पर फोकस करते हुए रायपुर ग्रामीण की जिम्मेदारी राजेंद्र “पप्पू” बंजारे को दी गई है। इसी तरह, बिलासपुर सिटी में सिद्धान्शु मिश्रा को और बिलासपुर ग्रामीण में महेंद्र गंगोत्री को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। विशेष रूप से, सुकमा जैसे संवेदनशील वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिले के लिए हरीश लखमा जैसे अनुभवी नेता को कमान सौंपने का फैसला किया गया है। यह नियुक्ति स्पष्ट करती है कि पार्टी का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करना है।
युवा और अनुभवी का संतुलन
पार्टी शीर्ष नेतृत्व का कहना है कि ये नियुक्तियां केवल राजनीतिक आधार पर नहीं की गई हैं। AICC महासचिव ने बताया कि योग्य उम्मीदवारों के चयन के लिए कई स्तरों पर पर्यवेक्षकों, बूथ और ब्लॉक वर्करों, पूर्व विधायकों और स्थानीय नेताओं से विस्तृत रिपोर्ट ली गई। इस संगठनात्मक बदलाव में युवा चेहरों, अनुभवी पूर्व विधायकों, आदिवासी और सामाजिक प्रतिनिधित्व वाले नेताओं को संतुलित रूप से शामिल किया गया है।पार्टी का लक्ष्य है कि नगर, ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में समान रूप से मजबूत संगठन खड़ा किया जा सके।
2028 चुनाव की तैयारी में कांग्रेस पार्टी
कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व का यह कदम यह संकेत देता है कि उसने 2028 विधानसभा चुनाव के लिए अभी से रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। विशेष ध्यान संवेदनशील जिलों जैसे सुकमा और बस्तर पर दिया गया है, जहां हरीश लखमा जैसे नेताओं की नियुक्ति से पार्टी की कोशिश है कि प्रवासी जनजातीय-क्षेत्र में संगठन मजबूत हो। पार्टी का कहना है कि यह सूची केवल पहला कदम है। कांग्रेस जल्द ही बूथ कमेटी, सेक्टर और ब्लॉक स्तरीय पुनर्गठन भी करेगी, जिसमें स्थानीय नेता, कार्यकर्ता और युवा शामिल होंगे।पार्टी अपनी गतिविधियों को सोशल मीडिया और जमीन दोनों स्तरों पर सक्रिय रखेगी। यह संगठनात्मक फेरबदल कांग्रेस के लिए 2026-27 के स्थानीय निकाय चुनाव और 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी जैसा माना जा रहा है।
देखिए लिस्ट…
