सुशासन की सरकार में दुर्ग जिले की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े जनप्रतिनिधियों ने उठाए सवाल

  • MLA चंद्राकर कि तल्ख टिप्पणी कानून व्यवस्था नहीं सम्हाल पा रहे पुलिस वालो को करेंगे जिले से बाहर

भिलाई।डबल इंजन की सरकार में छत्तीसगढ़ राज्य सहित दुर्ग जिला में नवंबर माह में 9 दिन में हुई 5 हत्याओं के मामले में सुशासन की सरकार में बैठे सांसद मंत्री विधायक भी अब बोलने लगे है कि सुशासन की सरकार में अपराधियों का बोल बाला जायदा दिख रहा है। अपराध पर नकेल नहीं कसने वाले पुलिस वालो को जिले से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।

ये हम नहीं कहा रहे है, एक राष्ट्रीय स्तर के अखबार में आज तमाम सांसद मंत्री विधायकों का बड़े समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर ये बया कर रही है कि सुशासन की सरकार में पुलिस पस्त अपराधी मस्त ओर जनता त्रस्त दिखाई दे रही है।

कही ना कही भाजपा की सुशासन की सरकार में बैठे जनप्रतिधियों की छवि जनता के बीच खराब हो रही है ।दुर्ग जिले में लगातार हो रही हत्याओं से आम जनता में भय का माहौल देखा जा रहा है वहीं जिस जनता ने कांग्रेस की सरकार को पराजित कर भारतीय जनता पार्टी के सुशासन का उदय किया और भाजपा की सरकार छत्तीसगढ़ राज्य में सत्ता में लाई वही जनता आज त्रस्त है।

उस मां का क्या कसूर जिसने अपनी कोख से एक पुत्र एवं पुत्री को जन्म दिया पाल पोष कर बड़ा किया और ये सोचा कि भविष्य में बुढ़ापे की लाठी सहारा बनेगा लेकिन दुर्ग जिले को आखिरकार किस व्यक्ति की या अपराधी की नजर लग गई है की लगातार दुर्ग पुलिस को साल (2025) में सिर्फ और सिर्फ हत्या का तोहफा बेखौफ अपराधी दे रहे है।जरा उस परिवार से पूछो जिस घर का जवान चिराग ही बुझ गया।कही न कही पुलिस का खौफ दुर्ग जिले में कम दिख रहा है अब जिले में संगठित अपराध तो नहीं हो रहे है लेकिन छोटी छोटी मामूली बातों में चाकू कटर चलना आम बात हो गई है।

जनता ने बहुत भरोसे के साथ राम राज्य की सरकार भाजपा की लाई लेकिन आज उनके ही जनप्रतिनिधि बढ़ते अपराध को लेकर काफी चिंतित नजर आ रहे है ।

लापरवाही बरतने वाले अफसर होंगे बाहर

दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने एक बड़े समाचार पत्र में बेबाक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दुर्ग जिले की कानून व्यवस्था इन दिनों काफी लचर है। पुलिस प्रशासन की लापरवाही को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिम्मेदार अफसर जो अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहे है। उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा उनकी जगह योग्य पुलिस अफसरों को जिले में लाएंगे।यहां भाजपा की सत्ता है,यहां कानून का राज चलेगा अपराधियों का नहीं ।लापरवाह व कमजोर अफसरों के लिए कोई जगह नहीं है शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी है।

इसी तरह का बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था को लेकर कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव सांसद विजय बघेल एवं पूर्व डीजीपी डीएम अवस्थी ने भी बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था को लेकर अपनी राय जाहिर की है।

बढ़ते अपराध क्रिमिनयल सर्विलांश सिस्टम की कमजोरी

पूर्व डीजीपी अवस्थी ने कहा कि रायपुर और दुर्ग जैसे बड़े शहर में लगातार चाकू बाजी की घटनाएं जो हो रही है,वे चिंता का विषय है दुर्ग में हत्याओं के आंकड़ों की संख्या जायदा है जोकि पुलिस कार्यवाही पर बड़ा सवाल खड़े करते है। जो कि लाइन आर्डर और क्रिमिनयल सर्विलांश सिस्टम कमजोरी को दर्शाता है।थाने एवं चौकी स्तर पर लगातार पेट्रोलिंग गश्त एवं जेल से छुटने वाले बदमाशों पर निगरानी एवं नकेल कसना जरूरी है।

अब सवाल ये उठता है कि पैदा होते ही कोई भी व्यक्ति अपराधी नहीं होता वक्त हालात व संगत या मजबूरी या आर्थिक तंगी उसे अपराध करने पर या अपराध में शामिल होने के लिए प्रेरित करती है ।कुछ अपराध जाने अनजाने में होते है और कुछ जान मुझ कर कुछ रंगदारी करने किए जाते है।

लेकिन ऐसे मामलों में मानव अधिकार सहित पुलिस के तमाम बड़े अफसरों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए जो अपराधी अपराध छोड़कर मुख्य धारा में जुड़ने चाहता है उसके किए नक्सलियों जैसा शहर के मैदानी इलाकों के इन अपराधियों के लिए भी नई पुनर्वास नीति,रोजगार नीति लाए ताकि कोई भी व्यक्ति अपराध करने से पहले पुलिस के खौफ के साथ साथ पीछे अपने बूढ़े मां बाप, पत्नी बच्चे का चेहरा याद कर के अपराध से तौबा करे।

माननीय न्यायालय भी कहता है अपराध से घृणा करो अपराधियों से नहीं।लेकिन दुर्ग पुलिस में होनर अफसरों की भरमार है लेकिन अपराध के मामले में हत्या लगातार हो रही है ये चिंता का विषय है और दुर्ग पुलिस लगातार नकेल भी कस रही है।समाचार पत्रों में कार्यवाही का फोटो और ब्यौरा भी दे रही है उसके बावजूद भी बेख़ौफ़ अपराधी अपराध करने से दुर्ग जिले में जरा भी नहीं चुक रहे है।

राज्य में बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था को लेकर दोनों ही राजनीतिक दल भाजपा कांग्रेस के लिए भी बड़ी चुनौती बनते जा रहा है। जहां एक और मौत के आगोश में समा गए जिसकी मौत हो चुकी है, वह निर्वाचित जनप्रतिनिधि का मतदाता था। ऐसे में गली माहौल से एक एक मतदाता विधानसभा क्षेत्र में कम होता नजर आ रहा है।कुख्यात अपराधी की मौत यदि हुई तो सभी खुश होते है लेकिन बेकसूर मारा जाता है तो उसके प्रति कई सालों तक लोगों के दिमाग में वर्षों तक संवेदनाएं जिंदा रहती है।लेकिन मतदाता कम होना जनप्रतिनिधियों के लिए भी बड़ा चिंता का विषय बनते जा रहा है।

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