- सुशासन की सरकार में नौकरशाह का क्या है खुला संरक्षण?
भिलाई।छत्तीसगढ़ में चल रही डबल इंजन की सरकार में छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित महादेव ऐप कांड जिसे शायद राज्य की सरकार व सरकार में बैठे नौकरशाह, ऐसा प्रतीत होता है कि महादेव आईडी ऐप को भूल गए है।आज सोशल मीडिया प्लेट फॉर्म पर महादेव ऐप,रेड्डी अन्ना ,स्वामी जी,फेयर प्ले,लोटस बुक जैसे अन्य गेमिंग ऐप खुले तौर पर आम लोगों को खेलने के लिए प्रेरित करते नजर आ रहे है।

छत्तीसगढ़ राज्य में जब तक कांग्रेस की सरकार थी तब तक छत्तीसगढ़ राज्य सहित देश के अलग अलग राज्य में महादेव आईडी के कारोबारी ने आईडी बेच कर लाखों करोड़ों रुपए कमाए।तत्कालीन एसपी रहे डॉक्टर अभिषेक पल्लव ने महादेव आईडी से जुड़े छोटे गुर्गों को पकड़ने में काफी वाह वाही लूटी और राज्य सहित देश के अन्य राज्यों में महादेव आईडी की तरह अभिषेक पल्लव भी चर्चित नाम रहे बतौर एसपी।

राज्य में कांग्रेस की सरकार थी भारतीय जनता पार्टी के नेता चिल्ला चिल्ला कर शराब घोटाला व महादेव आईडी की बात कह कर सरकार को घेर कर आरोप लगा कर माहौल बनाते रहे ।राज्य में 5 साल कांग्रेस की सरकार रही,राज्य में चुनावी बिगुल दिनांक 9 अक्टूबर 2023 को फूंक दिया गया और चुनाव संपन्न हुआ।भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का शराब घोटाला और महादेव आईडी का मामला रंग लाया और उससे भी जायदा भारतीय जनता पार्टी को महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए वरदान साबित हुई, हुआ ये कि कांग्रेस की भूपेश सरकार को छत्तीसगढ़ की जनता ने हार का मुंह दिखाया और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को राज्य के सिंहासन में बैठा दिया।
जब राज्य में भाजपा की सरकार सत्ता में आई कमान सीएम विष्णु देव सायं एवं डिप्टी सीएम व गृहमंत्री विजय शर्मा के हाथों में आई तब से लेकर आज दो वर्ष बीत जाने के बाद भी महादेव आईडी के सरगना को पकड़ना तो दूर उन गुर्गों पर कार्यवाही करना भी छत्तीसगढ़ की पुलिस अब भूल चुकी या फिर ऐसा प्रतीत होता है कि कोई ना कोई राजनीतिक दबाव प्रभाव के चलते पुलिस महादेव ऐप एवं अन्य बेटिंग ऐप के खिलाड़ियों एवं गुर्गों को पकड़ने में कोई रुचि नहीं दिखा रही है।

मजेदार बात ये है कि डबल इंजन की सरकार में केंद्रीय एजेंसिया राज्य की एजेंसियां महादेव ऐप से जुड़े खिलाड़ियों व महादेव ऐप के गुर्गों के घर में छापे मार कार्यवाही भी कर चुकी है। लेकिन मुख्य सरगना शौरभ चंद्राकर,रवि उप्पल एवं अन्य लोग केंद्र एवं राज्य की पुलिस की पकड़ से काफी दूर नजर आ रहे है। आईडी वितरण का ये काम अब सोशल मीडिया प्लेट फॉर्म में बेधड़क चल रहा हैं।कुछ महीने पूर्व में केंद्र सरकार ने ऐसे कई बेटिंग ऐप को बैन किया था उसके बाजूद भी सोशल मीडिया प्लेट फॉर्म में बे धड़क चल रहा है।

6,000 करोड़ के महादेव ऐप मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी फरार
6,000 करोड़ रुपये के महादेव ऐप मनी लॉन्ड्रिंग केस में एक बड़े आरोपी रवि उप्पल के दुबई छोड़ने की खबर सामने आई है। खास बात है कि यूएई से उप्पल की एक्सट्रैडिशन रिक्वेस्ट पेंडिंग हैं। इसके बावजूद उसका निकल जाना भारत और यूएई के संबंधों में एक मुश्किल पैदा कर रहा है। अवैध सट्टेबाजी सिंडिकेट की जांच कर रही भारतीय एजेंसियों के लिए उप्पल का हाथ आना एक बड़ी सफलता होती। ED और CBI सहित कई एजेंसियां, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल से जुड़े 500 करोड़ रुपये से अधिक के कथित किकबैक पेमेंट की जांच कर रही थीं।
दुबई पुलिस ने कर दिया था रिहा
रवि उप्पल को हाल ही में दुबई पुलिस की कस्टडी से रिहा कर दिया गया, जबकि दिसंबर 2023 से उसके प्रत्यर्पण की रिक्वेस्ट पेंडिंग थी। उस समय उप्पल को इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस पर गिरफ्तार किया गया था। भारत का UAE के साथ एक प्रत्यर्पण संधि है। पहले भी UAE ने कई हाई-प्रोफाइल आरोपियों को भारत को सौंपा है, जिसमें ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल भी शामिल है। मिशेल अगस्तावेस्टलैंड VVIP चॉपर ‘घोटाले’ में एक हथियार डीलर था।

सुशासन की सायं सरकार में पुलिस प्रशासन के लिए महादेव आईडी ऐप जो कि बड़ा सरदर्द था कार्यवाही नहीं करने ये दर्द भी पुलिस का कम हो गया है,चुकी राज्य में एयरपोर्ट का कार्यालय एवं बड़ा एयरपोर्ट रायपुर में है,कितने लोग दुबई आ रहे है जा रहे है इसकी जानकारी खुफिया एजेंसी एवं पुलिस विभाग सार्वजनिक क्यों नहीं करती है।क्या दुर्ग जिले में तात्कालिक एसपी रहे अभिषेक पल्लव के समय जो लोग महादेव आईडी ऐप चलाते पकड़ाए थे वे अभी पुलिस रिकॉर्ड में किस काम को अंजाम दे रहे है।दुर्ग पुलिस के पास इसका ठोस ब्यौरा है क्या ?दुर्ग पुलिस पूर्व में पकड़े गए के बारे में मीडिया को क्यों नहीं बताती?
आज भी दुर्ग जिले में महादेव ऐप,रेड्डी अन्ना,लोटस,स्वामी जी, जैसे अन्य ऐप का काम बेधड़क कई लोग चला कर लखपति व करोड़पति बन रहे है, लेकिन दुर्ग पुलिस के कान में जू तक नहीं रेंग रही है। ऐसे में दुर्ग पुलिस के शाह मात पर जुआ सट्टा आईपीएल के खिलाड़ी बेखौफ होकर इस धंधे को कर के मोटी रकम कमा रहे है।लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि दुर्ग पुलिस जान कर भी अनजान बन गई है क्योंकि राजनीतिक दबाव एवं बाप बड़ा ना भइया सब से बड़ा रुपया की कहावत साफ तौर पर ये चरितार्थ कर रही है कि कही ना कही राज्य सहित दुर्ग की पुलिस की मौन स्वीकृति है कि बेखौफ होकर महादेव आईडी का धंधा पले फुले।
दुर्ग पुलिस के अफसर तो क्रिप्टो करेंसी म्यूअल एकाउंट शेयर मार्केटिंग के मामले में इतना रुचि ले रही है कि उन्हें लोगों के घरों में हो रही चोरी की घटना,हत्या जैसे बड़े गंभीर मामले से उन्हें कोई लेना देना नहीं। उक्त अधिकारी इन मामलों में सिर्फ ओर सिर्फ छोटी मछलियों को पकड़ के सलाखों के पीछे डाल रहे है।आज भी चिटफंड से जुड़ी फाइले राज्य सहित दुर्ग पुलिस की टेबलों में धूल खा रही है। जनता के लाखों करोड़ों रुपए को सरकार के किसी अधिकारी को दुस्साहस नहीं है कि पीड़ित जनता को उनकी मेहनत के पैसे को वापस दिला सके।सिर्फ ओर सिर्फ पुलिस वो काम कर रही है जिसमें उसका आर्थिक भला दिख रहा हो।दुर्ग जिले में लगातार हत्या का ग्राफ बढ़ रहा है घरों में चोरी, मोबाइल चोरी, मोटर साइकिल चोरी जैसे अपराध सिर्फ नशा बढ़ने के कारण व नशा करने नशेड़ी इसे अंजाम दे रहे है।
राज्य में दुर्ग जिला ऐसा जिला है जो हत्या के मामले में पूरे राज्य में अव्वल श्रेणी का दर्जा प्राप्त है। उसके बावजूद इसी माह प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री की बैठक में दुर्ग पुलिस को बेहतर पुलिस के लिए विशेष सम्मान के लिए सम्मानित PM एवं HM के हाथों किया जाएगा।राज्य में सुशासन की सरकार में नौकर शाह सरकार की छवि को कैसे पलीता लगा रहे है ये महादेव ऐप चिटफंड, आर्थिक धोखाधड़ी,साइबर फ्रॉड जैसे अनेकों मामलों में पोल खोलता दिखाई दे रहा है।वैसे भी राज्य की पुलिस की कमान राज्य के नेताओं के हाथों में है पुलिस स्वतंत्र होकर कितना काम कर पा रही है ये बढ़ते अपराध के आंकड़े बताता है दर्शाता है।
