भिलाई नगर।वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में नाली निर्माण का मुद्दा जिसकी लागत 38 लाख व 1500 मीटर के लगभग के हुए नाली निर्माण के मामले में कांग्रेस भाजपा के नेताओं में सियासी राजनीति गरमा गई है।आरोप प्रत्यारोप का दौर महापौर शहर सरकार एवं अन्य नेताओं पर शुरू हो गया है ।
आज CGDILSE के प्रतिनिधि से चर्चा करते हुए शहर सरकार की मंत्री व पार्षद रीता सिंह गेरा ने कहा कि वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 20 में हो रहे है विकास कार्यों को रोकने के लिए मेरा किसी भी तरह का कोई हस्तक्षेप निगम अफसरों या ठेकेदार पर प्रत्येक्षक एवं अप्रत्येक्षक रूप से नहीं है।
38 लाख की नाली निर्माण( 1500 मीटर) जो कि यूको बैंक से लेकर फ्रेंड्स कैफे तक बनी है उसको लेकर मेरे को व महापौर नीरज पाल को और मेरी मां कांग्रेस पार्टी को कुछ लोग बेफिजूल बदनाम कर रहे है कि नाली निर्माण में अपने निजी स्वार्थ के लिए करवा रही हु।उन्होंने गम्भीर आरोप लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा नेता भोजराज इस नाली निर्माण के मुद्दे पर मेरा द्वारा दिए गए प्रस्ताव दस्खत स्वीकृत कार्य की कॉपी को प्रमाणित कर दे तो में रीता गेरा व महापौर नीरज पाल पद से इस्तीफा दे देंगे यदि वे प्रमाणित नहीं करेंगे तो वे अपने पद से इस्तीफा दे ऐसी मांग में करती हु।
उन्होंने आगे कहा कि में कांग्रेस की पार्षद हु जबकि वार्ड 20 की भाजपा पार्षद स्मिता दोडके है मेरे घर के भीतर अक्टूबर माह में नाली का पूरा पानी घुस गया वैक्यूम क्लीनर से पानी निकाला गया नाली की समस्या से जब में खुद परेशान थी तो में अपने निजी स्वार्थ के लिए इस तरह का कार्य क्यों करूंगी। प्रस्ताव नाली का किसने दिया किसने बनवाया और किसने नाली का निर्माण करवाया इन सारी बातों की निष्पक्षता से जांच हो ये सारी मांग में निगम आयुक्त से करती हु।मुझे किसने कमीशन दिया है इसकी भी जांच होनी चाहिए, बिना जांच के क्यों आरोप प्रत्यारोप लगाया जा रहा है।
छेत्र का विकास होना चाहिए सरकार आती जाती रहती है में शुरू से ही गरीबों एवं जनहित के मुद्दे की लड़ाई लड़ती हु कमीशन के लिए में राजनीति नहीं करती हु कौन लोग इस खेल को खेल रहे है उसका ईश्वर साक्षी है मेरे ऊपर पहले भी आरोप नहीं थे और आगे भी भ्रष्टाचार के आरोप नहीं रहेंगे मेरे द्वारा निजी कॉम्प्लेक्स का निर्माण किए जा रहे वो भी पूरी नियम शर्तों के तहत बनाया जा रहा है और मेरी सभी प्रॉपर्टियों के सारे टैक्स जमा है आज तक और सभी निगमों के नियम पालन करते आ रही हु और आगे भी करते रहूंगी।नाली निर्माण के मामले में ठेकदार भाजपा का,पार्षद भाजपा की ,विधायक भाजपा का होने के बावजूद 38 लाख निर्माण की नाली को लेकर मुझे जो बदनाम किया जा रहा है कि मेरा इसमें स्वार्थ है ये आरोप झूठे व बेबुनियाद है।भोजराज जी इसे जल्द प्रमाणित करे कि जनता सच को जान सके।
शहर भ्रष्टाचार में डूबा हुआ भोजू,मेरे पास भ्रष्टाचार के सारे साक्ष्य,5 कार्यकाल का भी इस्तीफा देना होगा महापौर को
उधर इस मामले को लेकर नेताप्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वार्ड क्रमांक 20 नगर निगम सीमा क्षेत्र में 38 लाख के नाली निर्माण का जो काम हुआ है उसमें मेरा जो आरोप है वे भ्रष्टाचार एवं नाली निर्माण को लेकर है ना कि किसी व्यक्ति विशेष व जनप्रतिनिधि पर नहीं लगाया गया है महापौर नीरज पाल ये बताए कि शहर में भ्रष्टाचार नहीं हुआ है क्या में इतने साक्ष्य दे दूंगा कि उन्हें अपने 5 वर्ष के कार्यकाल का इस्तीफा देना होगा, में दस्तावेजी साक्ष्य प्रमाण के तहत ही विकास के मुद्दों और बातों को रखता हु और लड़ाई लड़ता हु।शहर में कुछ भी लीगल नहीं है रीता गेरा हमारे सदन की सम्मानित सदस्य है मैने उनका नाम लेकर कोई भी आरोप प्रत्यारोप नहीं लगाया है 38 लाख की नाली किलोमीटर की बनी है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ऐसा मेरा मानना है। पूरा शहर निगम क्षेत्र में बसा है वो पूरा भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गया है। उन्होंने आगे कहा कि निगम के अफसर एवं जोन अध्यक्ष बताए कि नाली निर्माण आगे पीछे क्यों नहीं हुआ।
मेरा वार्ड हाईप्रोफाइल वार्ड है स्मिता, नाली निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ है तो निगम अफसर करे जांच
वार्ड क्रमांक 20 की भाजपा पार्षद स्मिता दोड़के ने भी अपने वार्ड में चल रहे है विकास कार्यों के मामले में वार्ड 20 में हो रहे 38 लाख के नाली निर्माण के मामले में स्पष्ट कहा कि प्रस्ताव हमने डिप्टी सीएम एवं नगरीय निकाय मंत्री अरुण साव को दिया था शासन से स्वीकृति मिलने के बाद नाली निर्माण का कार्य सम्पन्न हुआ है।सम्मानित सदस्य हमारी बड़ी बहन व मेरे क्षेत्र की जनता है, मेरा वार्ड हाईप्रोफाइल वार्ड है, यहां पूर्व विधायक वर्तमान विधायक व भाजपा कांग्रेस के पूर्व एवं वर्तमान पार्षद निवास करते है। विकास कार्यों के लिए पैसा में लेकर आई तो इसमें भ्रष्टाचार कहा से हुआ।MIC सदस्य रीता गेरा ने नाली निर्माण का विरोध निगम अफसरों से किया था उस समय के लिए काम रोका भी गया था, बाद में नाली निर्माण का कार्य शुरू हुआ उसके बावजूद भी यदि नाली में भ्रष्टाचार हुआ है तो निगम अफसर इस पूरे मामले की खुल के जांच कर ले।
