रायपुर।रायपुर में ब्लैकमेलिंग और सूदखोरी मामले में फरार हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधुओं के ऑफिस पर बुलडोजर चला है। भाठागांव स्थित ऑफिस का निर्माण नियमों के खिलाफ किया गया था। नगर निगम की टीम ने रविवार सुबह दफ्तर को ढहा दिया है।जानकारी के मुताबिक रोहित तोमर ने पत्नी भावना के नाम से ये ऑफिस खोला था। यहीं से सूदखोरी का काम करते थे। फिलहाल, रोहित तोमर और वीरेंद्र तोमर पिछले 2 महीने से फरार हैं। दोनों हिस्ट्रीशीटर भाइयों का पता बताने पर रायपुर पुलिस ने इनाम भी रखा है। मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का है।इस कार्रवाई पर प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने सोशल मीडिया पर लिखा- किसी मंत्री-मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाने से कोई कानून से बड़ा नहीं हो जाता। अपराधी तोमर ने अनेक लोगों को पीड़ा पहुंचाई है।

पत्नी भावना तोमर को किया गया था गिरफ्तार
10 दिन पहले रोहित सिंह तोमर की पत्नी भावना तोमर को रायपुर की पुरानी बस्ती पुलिस ने गिरफ्तार किया था। ताकि फरार रोहित और वीरेंद्र दोनों भाइयों का सुराग मिल सके।भावना शुभकामना वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड की संचालिका थी। वह कंपनी के नाम से जमीन की खरीदी-बिक्री करती थी। उस पर आरोप है कि उसने 3 लाख रुपए की उधारी देकर एक जगुआर कार (कीमत लगभग 15 लाख) गिरवी रखी। पीड़ित से 5 लाख वसूलने के बावजूद 10 लाख की मांग करती रही।पुलिस ने जगुआर कार, 2 मोबाइल और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। दरअसल, रायपुर पुलिस को इनपुट मिला था कि भावना तोमर अपने पति के संपर्क में है। जिसके बाद मंगलवार को पुलिस ने भावना को गिरफ्तार किया।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने किया ट्वीट
तोमर ब्रदर्स की नहीं थी लग्जरी कार
जांच में खुलासा हुआ कि कार तोमर ब्रदर्स की नहीं है। गाड़ी का असल मालिक भिलाई का रहने वाला मनोज कुमार वर्मा है। मनोज वर्मा ने तोमर बंधुओं से 5 साल पहले 3 लाख रुपए उधार लिए थे। जिसके एवज में कार गिरवी रखी थी। मनोज वर्मा 5 लाख लौटा चुका था, तब भी तोमर बंधु उसे कार वापस नहीं कर रहे थे।
