पाकिस्तान के DGMO ने फोन किया… भारत और PAK में सीजफायर लागू, विदेश मंत्रालय ने क्या बताया

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच आज शाम 5 बजे से सीजफायर लागू हो गया है। विदेश मंत्रालय ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि भारत ने अपनी शर्तों पर इस सीजफायर के लिए सहमति दी है।

विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, ‘पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) ने आज दोपहर करीब साढ़े 3 बजे भारतीय DGMO को फोन किया। उनके बीच सहमति बनी कि दोनों पक्ष भारतीय मानक समयानुसार शाम 5 बजे से जमीन, हवा और समुद्र में सभी तरह की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद कर देंगे। आज दोनों पक्षों को इस सहमति को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। सैन्य संचालन महानिदेशक 12 मई को फिर से बात करेंगे।”

DGMO ने की बातचीत की पहल

सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए सीधी बातचीत हुई। आज दोपहर पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स (DGMO) ने बातचीत की पहल की, जिसके बाद चर्चा हुई और सीजफायर पर सहमति बनी। सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी अन्य मुद्दे पर या किसी अन्य स्थान पर बातचीत का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

ट्रंप ने किया था सीजफायर का दावा

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर खत्म करने की बात कही थी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा,”अमेरिका की मध्यस्थता में एक लंबी रात की बातचीत के बाद, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल संघर्षविराम पर सहमत हो गए हैं…”

पाकिस्तानी उप प्रधानमंत्री ने भी कबूली बात

ट्रंप के ट्वीट के बाद पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने भी सीजफायर की बात कही। उन्होंने एक्स पर कहा, “पाकिस्तान और भारत तत्काल प्रभाव से संघर्षविराम पर सहमत हो गए हैं। पाकिस्तान ने हमेशा अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से समझौता किए बिना क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए प्रयास किया है।”यह कदम दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अभी अन्य मुद्दों पर बातचीत की कोई योजना सामने नहीं आई है।

One thought on “पाकिस्तान के DGMO ने फोन किया… भारत और PAK में सीजफायर लागू, विदेश मंत्रालय ने क्या बताया

  1. यह समझौता वास्तव में एक सकारात्मक कदम है, जो दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, यह सवाल उठता है कि क्या यह सीजफायर स्थायी होगा या फिर यह केवल एक अस्थायी समाधान है? मुझे लगता है कि दोनों पक्षों को इस समझौते को मजबूत करने के लिए और अधिक प्रयास करने चाहिए। क्या आपको नहीं लगता कि इस तरह के समझौते केवल तभी सफल हो सकते हैं जब दोनों पक्ष वास्तविक इच्छा और ईमानदारी से काम करें? मैं यह भी जानना चाहूंगा कि क्या इस समझौते के पीछे कोई और छिपा हुआ एजेंडा है? क्या आपको लगता है कि यह समझौता कश्मीर जैसे मुद्दों को हल करने में मदद करेगा? मैं यह भी सोच रहा हूं कि क्या इस समझौते को लागू करने में कोई चुनौतियां आ सकती हैं? क्या आपको लगता है कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ेगा?

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