“जो सिर्फ कांग्रेस के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं, और जनता की सेवा नहीं कर रहे उन्हें अलग किया जाए…”अपनी ही पार्टी पर बरसे,गुजरात कांग्रेस के आधे नेता BJP से मिले-राहुल गांधी

अहमदाबाद।लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस लीडर राहुल गांधी ने कहा कि गुजरात में कांग्रेस की लीडरशीप में दो तरह के लोग हैं। उनमें बंटवारा है। एक हैं जो जनता के साथ खड़े हैं। जिनके दिल में कांग्रेस की विचारधारा है। दूसरे हैं, जो जनता से कटा हुआ है दूर बैठता है और उसमें से आधे बीजेपी से मिले हैं।

राहुल ने आगे कहा, मेरी जिम्मेदारी है कि जो ये दो ग्रुप हैं इनको छांटना है। कांग्रेस में नेताओं की कमी नहीं है। बब्बर शेर हैं लेकिन पीछे से चेन लगी हुई है तो वे चेन से बंधे हैं। यहां रेस के घोड़ों को बारात में बांध दिया जाता है।राहुल दो दिन के गुजरात दौरे पर हैं। शनिवार को दौरे का दूसरा दिन है। उन्होंने अहमदाबाद के जेड हॉल में प्रदेश के करीब 2 हजार कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। महिला दिवस के मौके पर राहुल गांधी ने महिला कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की।

गुजरात में कांग्रेस फेल, मुझे यह बोलने में कोई शर्म नहीं

गुजरात फंसा हुआ है, यह आगे बढ़ना चाहता है। गुजरात की कांग्रेस पार्टी उसको रास्ता नहीं दिखा पा रही है। मैं ये बातें डरकर नहीं बोल रहा हूं और न शरमाकर बोल रहा हूं। मगर मैं आपके सामने ये बातें रखना चाहता हूं कि चाहे राहुल गांधी हो, चाहे जनरल सेक्रेटरी हों, हम गुजरात को रास्ता नहीं दिला पा रहे हैं।उन्होंने कहा कि अगर हम गुजरात की जनता की रिस्पेक्ट करते हैं, तो साफ कहना पड़ेगा कि आज तक जनता की जो उम्मीदें हमसे थीं, मुझसे थीं, वे हम पूरी नहीं कर पाए। अगर ये नहीं बोलेंगे तो हमारा गुजरात की जनता से रिश्ता नहीं बनेगा।

पार्टी के अंदर दो तरह के लोग, इन्हें अलग करना होगा

गुजरात की जो लीडरशीप है उसमें दो तरह के लोग हैं। जब तक अपने इन दो ग्रुपों को अलग नहीं किया तब तक गुजरात की जनता हम में विश्वास नहीं करेगी। गुजरात के किसान, मजदूर, स्टूडेंट विकल्प चाहते हैं न कि बी टीम। तो मेरी जिम्मेदारी है कि जो ये दो ग्रुप हैं इनको छांटना है।

पार्टी से 30-40 लोगों को निकालना पड़े, तो वो भी करेंगे

कांग्रेस में नेताओं की कमी नहीं है। जिला स्तर, ब्लॉक स्तर पर नेता हैं, बब्बर शेर हैं लेकिन पीछे से चेन लगी हुई है तो वे बंधे हैं। जनता ये देख रही है। हमें जनता से रिश्ते बनाना है तो पहला काम होगा कि, ग्रुप को अलग करना होगा। 30-40 लोगों को निकालना पड़े तो ये भी करेंगे। बीजेपी के लिए अंदर से काम कर रहे हो, जाओ बाहर जाकर करो।

हमारे हर नेता के दिल में कांग्रेस होनी चाहिए

हमारा कोई जिला अध्यक्ष का ब्लाक अध्यक्ष या सीनियर लीडर हो तो उसके दिल में कांग्रेस होनी चाहिए। संगठन का कंट्रोल ऐसे लोगों को ही मिलना चाहिए। जैसे ही हम ऐसा करेंगे तूफान की तरह जनता हमारे साथ जुड़ेगी। गुजरात को अब चुनाव के बारे में बात नहीं करनी चाहिए। हमारा ये प्रोजेक्ट 50 साल का है, हमें अपनी पार्टी की विचारधारा को जनता से जोड़ना होगा। गांधी जी ने हमें जो सिखाया, जो सरदार पटेल ने सिखाया वही गुजरात में करना है।

7 मार्च: गुजरात में राहुल का पहला दिन, एक दिन में 9 बैठकें की थीं।

कार्यक्रम के पहले दिन राहुल गांधी ने गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक की थीं। इनमें संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, गुजरात के प्रभारी व महासचिव मुकुल वासनिक और प्रदेश अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल शामिल रहे। राहुल ने शुक्रवार को नेताओं से लेकर वार्ड अध्यक्षों के साथ 9 घंटे में 5 बैठकें कीं।

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