परंपरागत तरीके में मनाई गई शबे बरात, मस्जिदों में की नमाज अदा, राष्ट्रीय हुसैनी सेना ने रामनगर कब्रिस्तान में कराया लंगर

भिलाईनगर।शब-ए-बारात इस्लाम का खास त्योहार है, जिसे मुस्लिम समुदाय के लोग मनाते हैं। इसे इस्लामिक कैलेंडर के शाबान महीने के 15वीं तारीख को मनाया जाता है।

इस्लाम में रमजान की तरह ही माह-ए-शाबान को भी बेहद पाक और मुबारक महीना माना जाता है।शाबान इस्लामिक कैलेंडर का 8वां महीना है, जिसकी 14वीं और 15वीं दरमियानी रात को मुसलमान शब-ए-बरात का त्योहार मनाते हैं। मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए शब-ए-बरात खास त्योहारों में एक है। इस दिन लोग विशेषकर अल्लाह की इबादत करते हैं। ऐसा माना जाता है कि शब-ए-बारात की रात की गई इबादत का सवाब बहुत ज्यादा मिलता है।

मुस्लिमों के परंपरागत तरीके में मनाई गई शबे बरात, मस्जिदों में की नमाज अदा ,शबे बेरात की रात में मुस्लिम कब्रिस्तान रामनगर कैम्प 1 में हुसैनी सेना के जानिब से और एच के डी ग्रुप के जानिब से मिल जुल कर लंगर का एहतमाम किया गया ।जिसमें कब्रिस्तान में इबादत ओर तकरीर सुनने आ रहे भिलाई के मुस्लिमों ने इसका लुत्फ उठाया। जिसमें राष्ट्रीय हुसैनी सेना की तरफ से चाय, पानी, पोहा, चना, पुलाव को बाट कर सुबह तक प्रोग्राम को अंजाम दिया गया।

जिसमें राष्ट्रीय हुसैनी सेना के दुर्ग जिला अध्यक्ष सोहेल राईन ने बताया कि हुसैनी सेना का एक उद्देश्य है कि मुस्लिम आवाम के हर सुख दुख के काम में अपना 100% देना है।इस कार्यक्रम में हुसैनी सेना के कोर ग्रुप के मेंबर ने अपनी उपस्थिति दी जिसमें गुफरान खान, मोहम्मद गोस,आफताब , सुहैल अहमद ,अंसारी, लल्लू, यासीन, जहांगीर, नदीम, अरमान, परवेज सलमानी, रमजान खान, शकील वसीम, हैदर अली, अकरम अली, अफसर अली , शहीद भाई , मासी आजाद, शाहिद खान, लुकमान, जिम्मी भाई,रईस ईमाम, अंसर , सलमान, जानी भाई, शहादत ,इस्तियाक, साबिर, शेख समीर, मोहम्मद मैराज, तहलील, आदि लोग उपस्थित रहे।

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