दिल्ली में 13% मुस्लिम वोट पाने के लिए कांग्रेस ने चली चाल!
नई दिल्ली। राजनीति में टाइमिंग काफी मायने रखती है और दिल्ली विधानसभा चुनाव के ठीक पहले सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस पार्टी ने एक याचिका बहुत बड़ा दांव चल दिया है। माना जा रहा है कि कांग्रेस ने दिल्ली के 13 फीसदी मुस्लिम मतदाताओं को अपने पाले में लाने के लिए वर्शिप एक्ट को लेकर याचिका दायर की है। कोर्ट से अपील की है कि वर्शिप एक्ट को लेकर जो याचिकाएं है। उनमें कांग्रेस का पक्ष भी सुना जाए और याचिका में दावा है कि अगर वर्शिप एक्ट से छेड़छाड़ हुई तो ये देश के सेक्युलर ढांचे के साथ एकता और अखंडता के लिए भी खतरनाक होगा। याचिका को लेकर बीजेपी के साथ साधु संतों ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। ऐसे में सवाल है कि क्या कांग्रेस का ये दांव चुनाव में असर डालेगा। क्या कांग्रेस 13 फीसदी मुस्लिम वोटर्स के लिए ये याचिका दायर की है और सबसे बड़ा सवाल कि क्या ये याचिका AAP के वोट बैंक में सेंधमारी के लिए है।
करीब 13 फीसदी मुस्लिम मतदाता
करीब 13 फीसदी मुस्लिम मतदाता दिल्ली में हैं, जो करीब 12 विधानसभा सीटों पर निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।12 विधानसभा सीटों पर भाईजान को साधने के लिए राहुल गांधी ने सीलमपुर से चुनाव प्रचार शुरू किया तो कांग्रेस ने प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगा दी।
याचिका में कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि उनका अपना पक्ष सुना जाए। एक्ट में बदलाव देश के सेक्युलर ढांचे के लिए खतरनाक है। इस कानून से छेड़छाड़ हुई तो देश की अखंडता को नुकसान होगा। दरअसल सुप्रीम कोर्ट में प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट के विरोध और समर्थन में कई याचिकाएं दायर हैं। लेकिन इन याचिकाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर अपना पक्ष रखकर कांग्रेस पार्टी ने सीधे सीधे दिल्ली के मुस्लिम वोटर्स को साधने की कोशिश की है।
अब कांग्रेस पर उठ रहे कई सवाल
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस को सिर्फ मुस्लिम वोट चाहिए. क्या कांग्रेस की याचिका 13% वोट के लिए है ? वर्शिप एक्ट को लेकर कांग्रेस का विरोध क्यों ? क्या सच में वर्शिप एक्ट से सेक्युलर ढांचे को नुकसान ? क्या कांग्रेस AAP के वोट में सेंध लगाना चाहती है ?
