भिलाई।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के द्वारा आज जारी आदेश के तहत 14 लोगों का प्रशासनिक आधार पर अस्थाई तौर पर अग्रिम आदेश पर्यन्त तक तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र दुर्ग में स्थानांतरित किया गया है।

जिसमें वर्षों से जमे हुए (ACCU) में एक दर्जन से अधिक जमे हुए लोगों को पुलिस लाइन भेजा गया है ।उसी तहत यातायात सुपेला, नेवई ,छावनी,बोरी में पदस्थ आरक्षक व प्रधान आरक्षकों को भी लाइन भेजा गया है।
जिसमें तीन सहायक उप निरीक्षक पूर्ण बहादुर शामित मिश्रा,विनोद सिंह के अलावा प्रधान आरक्षक जसपाल सिंह, चंद्रशेखर बंजीर,आरक्षक अनूप शर्मा संतोष गुप्ता,शमीम खान पन्नेलाल,अमित दुबे,जुनैद सिद्दीकी, खुर्रम बख्श, विक्रांत यदु, शाहबाज खान शामिल है।इस आदेश की सूचना आईजी दुर्ग रेंज सभी राजपत्रित अधिकारी, रक्षित निरीक्षक सभी चौकी प्रभारी थाना प्रभारी दुर्ग स्टोनों को भेजी गई है।।

यह खबर काफी चौंकाने वाली है। क्या वाकई इतने सारे अधिकारियों को लाइन भेजा गया है? यह कदम निश्चित रूप से प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम लगता है। क्या इसके पीछे कोई विशेष कारण है? मुझे लगता है कि यह कदम अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी था। क्या इससे भविष्य में और सुधार की उम्मीद की जा सकती है? क्या आपको लगता है कि यह निर्णय सही है?